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पुरवा मोहल्ले में वनसुअर का हमला

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जंगली सूअर के हमले में तीन बच्चों समेत सात लोग जख्मी
- मेंहदावल कस्बे के पुरवा मोहल्ले में घुसा था जंगली सुअर
- वनकर्मी नहीं पहुंचे तो भीड़ ने दौड़ाकर किया घायल
- एक कमरे में बंद जंगली सूअर की कुछ देर बाद हो गई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। मंगलवार की दोपहर में मेंहदावल कस्बे के पुरवा मोहल्ले में एक जंगली सूअर आबादी में पंहुच गया। एक घर में घुसे जंगली सूअर ने पति-पत्नी व तीन बच्चों को हमला कर जख्मी कर दिया। घरवालों ने शोर मचाया तो भागते वक्त रास्ते में भी दो लोगों पर हमला किया। भीड़ ने उसे एक घर में घेरकर बाहर से फाटक बंद कर दिया। जंगली सूअर के इस हमले के चलते मोहल्ले में करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बार-बार सूचना के बावजूद वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। पिटाई से घायल जंगली सूअर एक घर में छिपकर बैठा था जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बाद में लोगों ने उसे आबादी से बाहर ले जाकर फेंक दिया।
पुरवा मोहल्ला के वार्ड सभासद शिवप्रताप सिंह ऊर्फ चुनमुन ने बताया कि मोहल्ले की दलित बस्ती के पास ही झाड़ियों के बीच छिपा जंगली सूअर दोपहर में झीनक के घर में घुस गया। शोर मचाने पर उसने झीनक तथा उसकी पत्नी व तीन बच्चों को भी हमलाकर चोटिल कर दिया। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़े तब तक जंगली सूअर वहां से निकलकर भागने लगा। रास्ते में इसी मोहल्ले के सोहन कुमार और ऋषि कुमार ने घेरने का प्रयास किया तो उन पर भी हमला कर जख्मी कर दिया। जख्मी लोगों ने प्राइवेट अस्पतालों में अपना इलाज कराया।
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वार्ड सभासद ने बताया कि आक्रामक हुए जंगली सूअर को पकड़ने के लिए वन विभाग के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया गया। लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संपर्क साधने का प्रयास किया गया। लेकिन किसी का मोबाइल नंबर बंद था तो किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इधर भयभीत मोहल्ले के लोगों ने लाठी-डंडा लेकर जंगली सूअर को घेर लिया। भीड़ की पिटाई से घायल सूअर एक घर के कमरे में जा छिपा। उसके कमरे में जाते ही लोगों ने बाहर से फाटक बंद कर दिया। काफी देर बाद भी जब वनकर्मी नहीं पहुंचे तो साहस करके लोग कमरे में घुसे। लोगों ने बताया कि जब वे दुबारा कमरे में गए तो सूअर मर चुका था, जिसका शव आबादी से दूर ले जाकर फेंक दिया गया। इस संबंध में वन दरोगा एसके सिंह बताया कि जंगली सूअर के आबादी के बीच घूसने की सूचना मिली थी। उस वक्त वे समाधान दिवस में थे। दुबारा जब लोगों से संपर्क किया गया तो पता लगा कि घायल जंगली सूअर की मौत हो चुकी है।
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