यह है माॅडल प्रधानमंत्री आवास।
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संतकबीरनगर। जिले में वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक गणना के अनुसार जिन 45 हजार लोगों को आवास के लिए पात्र मानते हुए स्थाई पात्रता सूची तैयार की गई थी, उनमें से 22 हजार अपात्र चिह्नित कर उनका नाम सूची से हटा दिया गया है। शेष बचे 23 हजार में से अब तक 14 हजार लोगों को आवास का लाभ मिल चुका है। पुरानी सूची में शेष बचे लोगों को ही अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना है।
आवास आवंटन के लिए वर्ष 2011 में सामाजिक आर्थिक गणना के आधार पर स्थाई पात्रता सूची बनाई गई थी। इसी सूची के आधार पर अब तक लोगों को आवास आवंटित होता रहा है। लेकिन इस सूची को लेकर शुरू से ही लोग आपत्ति जताते रहे हैं। केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू होने के साथ ही पुरानी स्थाई पात्रता सूची की जांच भी शुरू हो गई थी। इसी बीच सरकार ने आवास के पात्र व अपात्र लाभार्थियों की जांच के लिए दो मोबाइल एप (आवास प्लस तथा रिमांड माड्यूल) शुरू किया। रिमांड माड्यूल एप पर सूची में शामिल ऐसे लोग जिनकी पात्रता या नाम संदेहास्पद हो, उनका विवरण भेजा गया। इसकी जांच के लिए लाभार्थियों का आधारकार्ड नंबर भी दिया गया। लोगों का आधारकार्ड नंबर बैंक अकाउंट समेत अन्य योजनाओं के लिए सूचीबद्ध होने के चलते एप पर उन लाभार्थियों का पूरा विवरण मिल गया। पात्रता की शर्तों से उनका मिलान करने के बाद सिस्टम से ऑटोमेटिक अपात्रों का नाम डिलिट हो गया। इस जांच में जिले की स्थाई पात्रता सूची से 22 हजार अपात्रों का नाम डिलिट हो गया। शेष बचे 23001 लोग ही प्रधानमंत्री आवास के लिए पात्र माने गए हैं। इनमें से भी वर्ष 2017-18 तक 12001 लोगों को आवास आवंटित हो चुका था। वर्ष 2018-19 के लिए 2122 लोगों को आवास आवंटित किया गया है, जिनका निर्माण कार्य चल रहा है।
अब तक 147 ग्राम पंचायतों की सूची हो चुकी है अपडेट
आवास आवंटन की स्थाई पात्रता सूची में से अपात्रों का नाम कटने के बाद हर गांव की सूची भी अपडेट हो रही है। इसके लिए सिस्टम जनरेटेड मैसेज भी डीआरडीए के परियोजना निदेशक के मोबाइल नंबर पर आता है। जिले की 794 ग्राम पंचायतों में से अब तक 147 ग्राम पंचायतों की सूची भी अपडेट हो चुकी है। इसका मैसेज भी पीडी के मोबाइल पर आ चुका है। शेष ग्राम पंचायतों की सूची अपडेट हो रही है।
अब 8878 को ही देना है आवास : पीडी
आवास के लिए बनी स्थाई पात्रता सूची से 22 हजार नाम डिलिट होने के बाद पात्रों की संख्या 23001 रह गई है। 147 ग्राम पंचायतों की सूची अपडेट हो गई है। संशोधित सूची में अब केवल 8878 लोगों को ही प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया जाना है। इन्हें अगले वित्तीय वर्षों में प्राथमिकता के आधार पर आवास निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऐप ने जांच की प्रक्रिया सरल करने के साथ ही कई कार्य आसान बना दिए।
प्रमोद कुमार यादव- परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण-संतकबीरनगर