संतकबीरनगर। नौ वर्ष पूर्व छेने की मिठाई में मिलावट के आरोपी दो लोगों को सीजेएम दीपकांत मणि ने दोषी मानते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार बस्ती भेज दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। मुख्य खाद्य निरीक्षक जेआर वर्मा ने न्यायालय में इस आशय का परिवाद प्रस्तुत किया था कि 16 अक्तूबर 2009 को सावित्री कोल्ड स्टोरेज खलीलाबाद में विक्रेता श्रीराम यादव व मालिक राम गोपाल रुंगटा से छेना की मिठाई का नमूना लेकर जांच के लिए जन विश्लेशक लखनऊ को भेजा गया था। रिपोर्ट व गवाही के आधार पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने श्रीराम यादव व राम गोपाल रुंगटा को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया। दोनों को जिला कारागार भेजते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तिथि तय की है।
आइसकैंडी में मिलावट के आरोपी को मिली सजा
संतकबीरनगर। सीजेएम कोर्ट ने 20 वर्ष पूर्व हुए आइसकैंडी में मिलावट के आरोपी को दो वर्ष के कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में खाद्य निरीक्षक यूएन सिन्हा ने कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया था कि 23 जुलाई वर्ष 1998 को खलीलाबाद स्थित विक्रेता रंगीलाल व मालिक महेश की दुकान से आइसकैंडी का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया था। साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दीपकांत मणि ने आरोपी महेश को मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सैकरीन को अपमिश्रित करके आइसकैंडी का निर्माण व बिक्री का दोषी माना। इसके लिए महेश को दो वर्ष के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।