सुनील राठी ने बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी को मारा था। सुनील राठी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। अब लखनऊ कोर्ट में संजीव को गोलियों से भूना गया। मुन्ना और संजीव दोनों ही माफिया मुख्तार के बेहद करीबी थे। बृहस्पतिवार को राठी से हरिद्वार जेल में पूछताछ की गई।
गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड में कुख्यात अपराधी सुनील राठी शक के दायरे में है। हत्याकांड के संबंध में बृहस्पतिवार को हरिद्वार जेल में उससे पूछताछ की गई। हत्याकांड से संबंधित सवाल उससे पूछे गए।
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फिलहाल जो भी जानकारी अफसरों को मिली है, उस आधार पर तहकीकात की जा रही है। अधिकतर सवालों के जवाब उसने नहीं दिए हैं। सुनील राठी ने बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी को मारा था। सुनील राठी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। अब लखनऊ कोर्ट में संजीव को गोलियों से भूना गया।
मुन्ना और संजीव दोनों ही माफिया मुख्तार के बेहद करीबी थे। एक तरह से गैंग इन दोनों हत्याकांड से मुख्तार पूरी तरह से कमजोर हो गया। इसलिए शक के एक पहलू में सुनील राठी भी शामिल है।
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सूत्रों के मुताबिक यूपी पुलिस की एक टीम ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार जेल पहुंची। यहां पर सुनील उम्रकैद की सजा काट रहा है। संजीव हत्याकांड को लेकर उससे पूछताछ की। खासकर हत्याकांड की साजिश के बारे में उससे पूछा गया।
शूटर विजय यादव और जिस रिवाल्वर से मारा गया, उससे संबंधित सवाल दागे। एक पूर्व सांसद, लारेंस विश्नोई गैंग व उसके गुर्गों से राठी का कनेक्शन तलाशा गया। इसको लेकर पूछताछ की। आशंका है कि हरियाणा या पंजाब से रिवाॅल्वर मुहैया कराई गई।
क्या शहर के कुछ लोगों के संपर्क में था विजय
शूटर विजय ने अपने परिवार वालों को बताया था कि वह एक पेयजल योजना के ठेकेदार के साथ काम कर रहा है। ऐसे में शक है कि क्या वह किसी ठेकेदार या शहर के किसी अन्य शख्स से परिचित था, जिससे भी कनेक्शन पाया जाएगा, उससे पुलिस पूछताछ करेगी।
कोर्ट रूम में जीवा की हत्या
आपको बता दें कि लखनऊ के एससीएसटी कोर्ट रूम में बुधवार दोपहर बाद मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा (50) की हत्या कर दी गई। वकील के लिबास में आए हमलावर ने कोर्ट रूम में ही रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की।
इस दौरान दो पुलिसकर्मियों, एक डेढ़ साल की बच्ची व उसकी मां को भी गोली लगी। जीवा पर हमलावर ने पीछे से फायरिंग की। वारदात के बाद वकीलों ने दौड़कर हमलावर को दबोच लिया और पीटकर पुलिस को सौंप दिया। घायलों को ट्रामा में भर्ती कराया गया है।
वारदात के बाद आक्रोशित वकीलों ने प्रदर्शन कर पथराव कर दिया। जिसमें एसीपी चौक का सिर फट गया। कई वाहन भी छतिग्रस्त हो गए। आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तब हालात पर काबू पा सके।