संभल में बवाल में घायल सीओ और पुलिसकर्मी।
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संभल। जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची टीम द्वारा मस्जिद के अंदर खोदाई करने की अफवाह ने हिंसा को जन्म दिया। अफवाह के बाद मस्जिद के बाहर जुटी हजारों लोगों की भीड़ को जब पुलिस ने अंदर घुसने से रोका तो पथराव शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले पथराव व फायरिंग में एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई थानों की फोर्स आने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ सकी।
रविवार की सुबह साढ़े सात बजे का समय था। जामा मस्जिद के आसपास के मोहल्लों में चहलकदमी कम थी। अधिकांश लोग घरों में थे। इसी दौरान किसी ने अफवाह फैला दी कि सर्वे करने वाली टीम मस्जिद के अंदर खोदाई कर रही है। अफवाह की चिंगारी ऐसी भड़की कि हजारों की संख्या में लोग जामा मस्जिद के बाहर जुट गए। साढ़े आठ बजे तक भीड़ बेकाबू हो गई और मस्जिद में घुसने का प्रयास करने लगी। पुलिस टीम ने भीड़ को रोका तो लोगों ने मस्जिद को घेर लिया और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। सड़क के साथ ही घरों की छतों से पुलिस पर पत्थर बरसने लगे। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भी भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। करीब नौ बजे पुलिस ने घेराबंदी कर सर्वे टीम को मस्जिद से बाहर निकालकर थाने तक सुरक्षित पहुंचा दिया। वहीं उपद्रवियों ने सीओ की गाड़ी समेत कई अन्य वाहनों में आग लगा दी। सूचना पर शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के थानों और दूसरे जनपदों की फोर्स भी बुला ली गई।
करीब दस बजे पुलिस पथराव करने वालों को खदेड़ने में कामयाब हो पाई। पथराव और फायरिंग के बीच चार लोगों की जान चली गई। संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई समेत कई पुलिसकर्मी व अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे शहर में सन्नाटा पसर गया। जामा मस्जिद के बाहर मामला शांत होने के बाद भी शहर के अन्य हिस्सों में हंगामा और पथराव की घटनाएं सामने आईं। इसके कारण शहर के सभी बाजार बंद हो गए। देर रात तक शहर की सड़कों पर पुलिस के वाहन ही दाैड़ते नजर आए।