संभल। पथराव-फायरिंग में पुलिस ही नहीं, सैकड़ों उपद्रवी भी घायल हुए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी के डर से सभी चोरी-छिपे इलाज कर रहे हैं। जिला अस्पताल में सिर्फ दो लोग ही मेडिकल कराने पहुंचे। घायल लोग कहां और कैसे इलाज करा रहे हैं, पुलिस इसकी तलाश कर रही है।
जामा मस्जिद के बाहर रविवार को घंटों बवाल हुआ। उपद्रवियों ने पथराव के साथ फायरिंग भी की। पत्थरबाजों को रोकने के लिए पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया। इस बवाल में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ ही सैकड़ों उपद्रवी भी लाठीचार्ज और पत्थर लगने से घायल हुए, लेकिन वह गिरफ्तारी के डर से सरकारी अस्पताल नहीं पहुंचे। सभी चोरी-छिपे इलाज करा रहे हैं। एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि दो घायल ही मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। जो लोग चोरी-छिपे इलाज करा रहे हैं। उनका पता लगाया जा रहा है।
ड्रोन से हो रही निगरानी, रात में भी पुलिस मुस्तैद
सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद संवेदनशील इलाकों में पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है। पहले के मुकाबले पुलिस ने और अधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। रातभर संभल के गली-मोहल्लों में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ कर्मी मुस्तैद रहे। साथ ही पुलिस की गाड़ियां गश्त करती रहीं।
मस्जिद के चारों ओर सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात
बवाल होने के बाद सुरक्षा के लिहाजा से सैकड़ों सशस्त्र पुलिसकर्मी मस्जिद के चारों ओर तैनात कर दिए गए और कुछ आसपास के गली-मोहल्लों में मुस्तैद किए गए हैं। एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया है कि सर्वे के दौरान कुछ लोग सुनियोजित तरीके से एकत्र हुए। जिसके बाद उन्होंने बवाल किया। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।