उप जिलाधिकारी राशिद अली खां ने शनिवार को 11.30 बजे गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। क्रय केंद्र पर केंद्र प्रभारी लंच करते हुए मिले। क्रय केंद्र पर सुविधाएं तो उपलब्ध थीं, लेकिन गेहूं नहीं खरीदा गया था। इसे लेकर एसडीएम ने केंद्र प्रभारी से अंसतोष व्यक्त किया और कहा कि जल्दी ही गेहूं की सरकारी खरीद शुरू कराएं। अन्यथा कार्रवाई होगी।
जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 70 हजार टन रखा गया है। जिले भर में गेहूं के 44 क्रय केंद्र बनाए गए है। गेहूं क्रय को खुले हुए 15 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीददारी नाम मात्र की हुई है।
जिले के सभी क्रय केंद्रों पर अभी तक मात्र 40 टन की खरीदारी हुई है। एसडीएम ने बताया कि ऐसा लगता है कि सरकारी खरीद के बारे में केंद्र प्रभारी ने प्रचार नहीं कराया है और इसके चलते अभी तक खरीद शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र पीसीएफ चला रही है। पीसीएफ के अधिकारियों को भी पत्र भेजा जा रहा है।
किसान पूछ रहे कब शुरू होगी गेहूं खरीद
गेहूं खरीद शुरू करने की तारीख को एक पखवाड़ा बीत चुके हैं, मगर बबराला मंडी समिति में बनया गया गेहूं क्रय केंद्र अभी शुरू नहीं हो सका है। यहां किसानों आते हैं और लौट जाते ंहै। उन्हें रटा रटाया जवाब मिलता है कि ठेकेदार से बात नहीं हो पाई है।
कस्बा के बदायूं मार्ग पर स्थित मंडी समिति में स्थित गेहूं क्रय केंद्र के हाल जानने के लिए जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो तकरीबन 12 बजे क्रय केंद्र पर लगा कांटा व प्रभारी के कुर्सी मेज खाली पड़े थे। जहां एक चौकीदार बैठा था और एक किसान यह पूंछ रहा था कि गेहूं की खरीद कब होगी तो उसे जवाब मिला कि ठेकेदार से वार्ता नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश आवश्यक वास्तु निगम के गोदाम प्रभारी को गेहूं खरीद केंद्र संचालित करना है। जिन्हें दो कांटे और आवश्यक सामान भी उपलब्ध करा दिया है लेकिन अभी तक गेहूं की खरीद क्यों नहीं हो पा रही है। इसकी जानकारी करके बताएंगे।- अनिल शर्मा मंडी सचिव बबराला।
गेहं की खरीद एक दो दिन शुरू की जाएगी। ठेकेदार से बात चल रही है। अभी तो किसान आ ही नहीं रहे है। समय रहते गेहूं खरीद लिया जाएगा।- रूपचंद्र गौतम, क्रय केंद्र प्रभारी, बबराला।