संभल। जनपद में सरकारी मदद से स्वरोजगार का साधन जुटाने का सपना टूटता नजर आ रहा है। अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र 30 लाभार्थी मदद के लिए पिछले साल से विभाग के चक्कर काट रहे हैं। पात्रता सूची में चयन होने के बाद भी उनको ऋण प्राप्त होने का लाभ नहीं मिल सका, क्योंकि शासन स्तर से बजट ही जारी नहीं किया गया।
अल्पसंख्यक वर्ग के युवा और बेरोजगार ऋण लेकर अपना रोजगार स्थापित कर सकें। इसे ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम लिमिटेड की ओर से टर्म लोन उपलब्ध कराए जाते हैं। ऋण योजनाओं से उम्मीद पैदा होती है लेकिन उन उम्मीदों को झटका तब लगता है जब औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी कर्ज की राशि खाते में नहीं आए। बीते वर्ष से ऐसा ही हाल है। आवेदक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बहजोई मुख्यालय स्थित कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन ऋण नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लाभार्थी अपना रोजगार स्थापित नहीं कर सके हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 30 लाभार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य मिला। जिसके बाद आवेदन लिए गए और पात्र 30 व्यक्तियों के इंटरव्यू कराते हुए शासन को लिस्ट भेज दी गई। शासन स्तर से बजट जारी नहीं किए जाने से इनको ऋण नहीं मिल सका।
कोट
टर्म लोन योजना के लिए दो साल से बजट नहीं जारी हुुआ है। पिछले सत्र में तीस आवेदकों का चयन हुआ था, लेकिन उनका बजट जारी नहीं हुआ। योजना को लेकर नए निर्देश भी अभी नहीं आए हैं।
शैलेंद्र कुमार गौतम, समाज कल्याण अधिकारी /प्रभारी अल्पसंख्यक अधिकारी।