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त्योहार पर वेदराम का घर हो रहा था इंतजार, आई मौत की खबर

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चंदौसी के गांव भुलावई में वेदराम की मौत पर गमगीन बैठे परिजन। - फोटो : CHANDAUSI
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बनियाठेर/चंदौसी(संभल)। होली पर वेदराम के आने का परिजन इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनकी मौत की खबर आई। सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। भाई को सूचना मिलने पर परिवार व गांव के लोग मुजफ्फरनगर की ओर दौड़ पड़े। हादसे की जानकारी होने पर गांव में मातम छाया हुआ है। होली के त्योहार के रंग बेरंग हो गए हैं। मृतक की पत्नी व मां बदहवास हालत में हैं।
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चंदौसी क्षेत्र के गांव भुलावई निवासी वेदराम पत्नी, बेटी और गांव के इंद्रपाल, टिंकू के साथ पंजाब के होशियारपुर में कृषि फार्म पर मजदूरी करते थे। होली पर वेदराम, इंद्रपाल, टिंकू व बदायूं जनपद के गांव हुसैनपुर के मजदूरों के साथ पिकअप से घर लौट रहे थे। परिजन भी उनके आने का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को भोर में करीब चार बजे वेदराम के बड़े भाई के फोन पर फोन आया और जिला मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में पिकअप के हादसे की खबर मिली। हादसे में वेदराम की मौत हो गई तथा बदायूं के मजदूरों के साथ इंद्रपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। खबर मिलने पर परिजन विलाप करने लगे।
इस दौरान मोहल्ले व गांव के लोग भी एकत्र हो गए। करीब साढ़े पांच बजे आननफानन परिवार के सदस्य और गांव वाले घटना क्षेत्र मुजफ्फरनगर की ओर निकल गए। गांव में वेदराम की पत्नी हंसमुखी, दस वर्षीय बेटी आशा और वेदराम की मां नारायणी व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में होली के त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई हैं। दिनभर परिजन व अन्य लोग मुजफ्फरनगर में शव का पीएम कराने में लगे रहे।
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रास्ते में फोन पर हुई थी बात, कहा था कि सुबह आठ बजे तक पहुंच जाएंगे घर
बनियाठेर। वेदराम की पत्नी हंसमुखी बदहवास हालत में हैं। बदहवासी की हालत में बार-बार वेदराम के घर लौटने की बात कह रही थीं। बताया कि पंजाब से चलने से पहले फोन पर बात हुई थी। रास्ते में एक मर्तबा और बात हुई थी और बुधवार की सुबह आठ बजे तक घर आने को कहा था, लेकिन उनके आने से पहले ही उनकी मौत की खबर आ गई।
दिवाली पर आए थे घर
बनियाठेर। पत्नी हंसमुखी ने बताया कि उनके पति चार साल से पंजाब के होशियारपुर में कृषि फार्म हाउस पर मजदूरी करते थे। गांव के इंद्रपाल और टिंकू भी वहीं रहते हैं। मैं और दस वर्षीय बेटी आशा भी पति के साथ वहीं रहते थे। दीपावली के त्योहार पर पंजाब से घर आए थे। चार-पांच दिन में त्योहार मनाकर लौट गए थे।
इंद्रपाल की पिकअप से आ रहे थे सभी
बनियाठेर। भुलावई गांव के ही इंद्रपाल और टिंकू भी फार्म पर रहते थे। स्वयं व साथी मजदूरों के आने-जाने के लिए इंद्रपाल ने पिकअप लेकर रखी थी। इंद्रपाल अपनी गाड़ी से मजदूरों को लेकर गांव आ रहे थे। रास्ते में बुढ़ाना के पास हाईवे पर टिंकू लघुशंका के लिए गाड़ी से उतर गया और तभी हादसा हो गया। हादसे में गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई तथा गाड़ी मालिक इंद्रपाल भी घायल हो गया।
रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए एक सप्ताह पूर्व बेटी व पत्नी आ गईं थीं गांव
चंदौसी। गांव भुलावई निवासी वेदराम की दस वर्षीय एक बेटी है। पत्नी बेटी के साथ परिवार के पालन पोषण के लिए पंजाब में कृषि फार्म पर मजदूरी करते थे। उनकी रिश्तेदारी में करीब एक सप्ताह पूर्व में शादी थी। वेदराम ने अपनी पत्नी व बेटी आशा को एक सप्ताह पूर्व शादी में शामिल होने के लिए गांव भुलावई भेज दिया था तथा स्वयं होली पर अन्य मजदूरों के साथ घर आने की बात कही थी। वेदराम के पास जमीन नहीं थी, वह दोनों पति-पत्नी मजदूरी करते थे। हादसे के बाद बेटी की परवरिश, शिक्षा व अन्य सभी कामों की जिम्मेदारी उनकी पत्नी हंसमुखी पर आ गई है।
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