68 में से 41 तीर्थ और 19 कूप ही किए गए हैं चिह्नित
प्राचीन 68 तीर्थों में से अभी 41 तीर्थ ही चिह्नित किए गए हैं। 27 तीर्थों की जानकारी सामने नहीं आई है। जबकि संभल महात्म्य में किए गए उल्लेख के अनुसार संभल नगर और उसके आसपास 68 तीर्थ और 19 कूप हैं। इनकी तलाश के लिए प्रशासन ने अभियान चलाया है। संभल महात्म्य के अनुसार संभल त्रिकोणीय आकार में बसा है। त्रिकोणीय आकार में ही 68 तीर्थ और 19 कूप स्थित हैं।
इसमें ज्यादातर शहर के अंदर और नजदीक में स्थित होने के प्रमाण हैं। इन तीर्थ और कूप को संवारने के लिए संभल कल्कि देवतीर्थ समिति का भी गठन कर दिया है। इस समिति की अध्यक्ष डीएम हैं। डीएम ने बताया कि संभल महात्म्य के अनुसार संभल नगर के तीनों कोनों पर महादेव के मंदिर हैं। इसका एक नक्शा भी है। जिसके अनुसार अभी तक जितने भी तीर्थ मिले हैं उसी के अनुसार है।
इसलिए अन्य तीर्थ भी जल्द चिह्नित किए जाएंगे। जिससे उनको पुराने स्वरूप में लाया जाए। बताया कि जो तीर्थ या कूप हैं उनके नक्शे मुख्य मार्गों पर लगाए जाएंगे। जिससे पर्यटक सीधे उन स्थानों पर पहुंच जाएं। बताया कि नगर पालिका के क्षेत्र में तीर्थ और कूप आते हैं उनको संवारने की जिम्मेदारी पालिका की रहेगी। जो देहात क्षेत्र में हैं उनको संवारने का काम ग्राम पंचायत और मनरेगा द्वारा किया जाएगा।
कलियुग में भगवान कल्कि का अवतरण संभल में होगा
संभल ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से भरा हुआ शहर है। जितना महत्व ऐतिहासिक तौर पर राजपूत और मुगलों से जोड़कर दिया जाता है। उससे कहीं ज्यादा महत्व धार्मिक नजरिए से दिया जाता है। स्कंद पुराण में उल्लेख है कि कलियुग में भगवान कल्कि संभल में अवतरित होंगे। इसी मान्यता को जोड़कर संभल को देखा जाता है।
वंशगोपाल तीर्थ में भगवान कृष्ण एक रात ठहरे थे और कदम्ब के वृक्ष के नीचे विश्राम किया था। इन सभी मान्यता को जोड़ने से महत्व ज्यादा बढ़ जाता है। संभल महत्म्य में सभी तीर्थ और कूप की एक दूसरे से दिशा और दूरी दर्ज है। गंगा से दूरी और भगवान कल्कि का अवतरण होने वाले स्थान के बारे में भी उल्लेख किया गया है।
एएसआई द्वारा इन तीर्थ व कूप का किया गया है सर्वे
- चतुर्मुख ब्रह्म कूप स्थित पानी की टंकी के पास, ग्राम आलम सराय, संभल
- अमृत कूप स्थित कूप मंदिर, दुर्गा कालोनी, संभल
- अशोक कूप स्थित मोहल्ला हल्लू सराय, संभल
- सप्तसागर कूप स्थित सर्थलेश्वर मंदिर, सरथल चौकी के पास, मोहल्ला कोट पूर्वी, संभल
- बलि कूप स्थित पुरानी तहसील के पास, कूचे वाली गली, संभल
- धर्म कूप स्थित हयातनगर, संभल
- ऋषिकेश कूप स्थित शिव मंदिर, मोहल्ला कोट पूर्वी, संभल
- परासर कूप स्थित कल्कि मंदिर के पास, मोहल्ला कोट पूर्वी, संभल
- अकर्ममोचन कूप स्थित संभल कोतवाली के सामने, मोहल्ला ठेर संभल
- धरणि बाराह कूप स्थित जामा मस्जिद चौकी के नीचे, मोहल्ला कोट गर्वी, संभल
- भद्रका आश्रम तीर्थ, होज भदेसरा, संभल
- स्वर्गदीप तीर्थ/सती मठ, स्थित गांव जलालपुर मोहम्मदाबाद, संभल
- चक्रपाणि तीर्थ, गांव जलालपुर मोहम्मदाबाद, संभल
- प्राचीन कूप स्थित एक रात वाली मस्जिद के पास, मोहल्ला कोट गर्वी, संभल
- प्राचीन कूप स्थित जामा मस्जिद परिसर, मोहल्ला कोट गर्वी, संभल
- प्राचीन कूप स्थित बाल विद्या मंदिर के सामने, मोहल्ला चमन सराय, संभल
- प्राचीन कूप स्थित न्यारियों वाली मस्जिद, मोहल्ला खग्गू सराय, संभल
- प्राचीन कूप स्थित गद्दियों वाला मोहल्ला, कोट पूर्वी, संभल
- प्राचीन कूप स्थित सेठों वाली गली, मोहल्ला कोट पूर्वी, संभल
- प्राचीन कूप स्थित एजेंटी चौराहे के पास, मोहल्ला डूंगर सराय, संभल
- प्राचीन मंदिर व कूप स्थित मोहल्ला खग्गू सराय, संभल
- प्राचीन तीर्थ / शमशान / मंदिर, आर्य कोल्ड स्टोर के पास, अजीजपुर असदपुर, संभल