संभल के धनारी में दो भाइयों की मौत के बाद गमगीन ग्रामीण
- फोटो : संवाद
विजय सिंह के थे तीन बेटे, उजड़ गया परिवार
धनारी के गांव औरंगाबाद में पारिवारिक कलह के चलते विजय सिंह का परिवार उजड़ गया है। उसके तीन बेटे थे। तीनों बेटे विवाहित थे। बृहस्पतिवार की घटना के बाद एक बेटा बचा है, उसकी हालत गंभीर है। एक छोटी बेटी और दो विधवा पुत्रवधू रह गई है। परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है।
विजय सिंह ने बताया कि उनके बड़े बेटे मुनीश की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। पत्नी से विवाद चल रहा है। वह अलग रह रही है। करीब डेढ़ साल पहले मझले बेटे ब्रजेश की शादी हुई थी। उसके छह माह के अंतराल पर ही छोटे बेटे पान सिंह की शादी हो गई थी। पर अभी तक उनमें से किसी के भी संतान नहीं थी। घर में दो-दो विधवा बहू हैं और एक छोटी बेटी है।
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मुनीश लगाता था ठेला, दोनों छोटे भाई करते थे मजदूरी
विजय सिंह का बड़ा बेटा चंडीगढ़ में रहता था और वहां मूंगफली का ठेला लगाता था। छोटे बेटे ब्रजेश व पान सिंह गांव में रहते थे। दोनाें अपनी खेती करते थे और समय बचने पर मजदूरी भी कर लेते थे।
पान सिंह दिल्ली में काम पर जाने की कर रहा था जिद
परिजनों ने बताया कि पान सिंह ने करीब एक सप्ताह पहले पिता से दिल्ली जाकर काम करने की जिद की थी। पिता ने ठंड अधिक होने की बात कहकर उसे दिल्ली जाने से मना कर दिया था। उस बात को लेकर पान सिंह तनाव में था। वह कहता था कि दिल्ली जाकर पैसा कमाना चाहता है।
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दादा बोले- मेरे बेटे का उजड़ गया परिवार
मृतक मुनीश व पान सिंह के दादा खुशीराम का रो-रोकर बुरा हाल है। खुशीराम बदहवास हालत में है। एक ही रट लगाए हुए हैं, मेरे बेटे का परिवार उजड़ गया। कोई मेरे पोते को बचा लो।
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मुनीश ने मरने से पहले हाथ पर लिखा नोट
विजय सिंह के बड़े बेटे मुनीश का शव धनारी रेलवे स्टेशन के पास छोइया नदी के पुल के नीचे लटका मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव नीचे उतारा उसके हाथ पर पेंसिल से एक नोट लिखा हुआ था। उसमें लिखा था कि हम दोनों भाइयों की आत्मा... हमारे घर की लाज रखना। बाकी सब लोगों को राम राम।