संभल। जिला अस्पताल में 34 दिन से अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेवा पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल अवकाश पर चल रहे हैं। सोमवार को उनको लौटना था लेकिन वह नहीं लौट सके। अब सवाल है कि स्वास्थ्य विभाग वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं कर पा रहा है।
जिलेभर के मरीज भटककर लौट रहे हैं। निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 500 से 600 रुपये लिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह चुनौती है।
दरअसल, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निर्मल सिंह सात अप्रैल से मेडिकल अवकाश पर हैं। एक माह बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो वह सोमवार को भी नहीं लौटे। उन्होंने अपने अवकाश की अवधि बढ़ा दी है। अब वैकल्पिक व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के पास है नहीं है। रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने से मरीज हर दिन परेशान होकर लौट रहे हैं।
आंकड़े के मुताबिक हर दिन जिला अस्पताल में 50 मरीज ऐसे पहुंचते हैं जिनका अल्ट्रासाउंड होता है। इसमें चोटिल, गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती है। सबसे ज्यादा परेशान उन मरीजों को है जो जिले के दूर-दराज इलाके से जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती लेकिन एक्स-रे कराने मुरादाबाद जाना पड़ेगा
रेडियोलॉजिस्ट के रिक्त पद पर लंबे समय बाद तैनाती हुई थी। इससे तमाम मरीजों को लाभ मिला। अल्ट्रासाउंड के साथ एक्स-रे भी हो सके लेकिन अब 34 दिन से एक्स-रे भी नहीं हो पा रहे हैं। यदि कोई हड्डी टूटा मरीज पहुंच रहा है तो उसको उपचार देने के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ तो हैं लेकिन एक्स-रे की रिपोर्ट देने वाले वाले चिकित्सक की तैनाती नहीं है। अब मरीजों को एक्स-रे के लिए मुरादाबाद रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों के लिए असुविधा बढ़ी है।
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रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल अवकाश पर हैं। उनकी सेहत ठीक नहीं है इसलिए अवकाश बढ़ा दिया है। अब पत्राचार कर वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था हो जाएगी। जिससे मरीजों को राहत मिल सके।
-डॉ. राजेंद्र सैनी, सीएमएस, जिला अस्पताल संभल