संभल। नखासा थाना क्षेत्र के संभल-हसनपुर मार्ग पर सिंहपुरसानी गांव के नजदीक हुए भीषण हादसे में बहजोई के मोहल्ला नारायण टोला निवासी निशांत शर्मा (35) और बदायूं के थाना उझानी अंतर्गत गांव भमौरी निवासी शारदा देवी (60) की उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई। यह दोनों यात्री रोडवेज बस में सवार थे। कई और गंभीर रूप से घायलों का उपचार अलग-अलग अस्पताल में चल रहा है। सीओ असमोली ने बताया कि अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। तहरीर मिलने का इंतजार है।
निशांत की पत्नी राधा शर्मा ने बताया कि उनका देवर अनंत शर्मा दिल्ली में रहते हैं। उनके घर सुंदरकांड का पाठ था। उसमें शामिल होने के लिए शनिवार को गए थे। रविवार को लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। बताया कि उनके पति बहजोई में कपड़ों की दुकान चलाते थे। परिवार में बेटा और बेटी है। निशांत की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं दूसरी ओर शारदा देवी के परिजन गांव शव ले गए। अभी थाने पर तहरीर नहीं दी है।
मालूम हो रविवार की दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली की ओर से आ रही रोडवेज बस में संभल की ओर से जा रही डग्गामार डबल डेकर ने टक्कर मार दी थी। इसमें दोनों बसों में सवार 37 यात्री घायल हुए थे। जिसमें सात की हालत गंभीर थी। सोमवार को जिला अस्पताल में दो ही मरीजों का उपचार किया गया। बाकी मरीज छुट्टी लेकर या रेफर कराकर चले गए।
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जिला अस्पताल में नहीं मिली कोई सुविधा
हादसे में जान गंवाने वाले निशांत शर्मा के मौसेरे भाई अनुज शर्मा ने बताया कि रविवार को हादसे के बाद जब जिला अस्पताल पहुंचे तो रविवार के अवकाश का हवाला देकर चिकित्सक व कर्मचारी लापरवाही बरते रहे। इसके चलते उपचार तत्काल नहीं मिल सका। मजबूरन निजी अस्पताल में जाकर प्राथमिक उपचार कराया और इसके बाद वहां से मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार की सुबह मौत हो गई।
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नहीं चेते जिम्मेदार, सोमवार को भी नहीं हुई जांच
डग्गामार बसों का संचालन सोमवार को भी बदस्तूर जारी रहा। जिम्मेदारों को इस भीषण हादसे ने भी चेताया नहीं है। सोमवार को आंबेडकर जयंती का अवकाश मनाते रहे। किसी ने भी हादसे की जांच पड़ताल करने के लिए अपना अवकाश खत्म नहीं किया। नखासा थाना पुलिस ने तो दो लोगों की जान जाने की सूचना पर भी अनभिज्ञता जाहिर की। इससे स्पष्ट होता है कि जिम्मेदार गंभीर मामलों को लेकर भी चेत नहीं रहे हैं। यही कारण हैं कि जो लगातार डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है। एक ओर परिवहन विभाग को राजस्व की हानि हो रही है। दूसरी ओर भीषण सड़क हादसों में जान जा रही है। एआरटीओ पीके सरोज ने बताया कि वह अवकाश के चलते नहीं आ सके। मंगलवार को मामले की जांच पड़ताल की जाएगी।
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डग्गामार बसों की ओवरस्पीड बनी हादसे का कारण
हादसे में घायल हुए बदायूं निवासी मनोज ने बताया कि वह दिल्ली रोडवेज बस से जाते रहते हैं। किताबों का काम है। इस बार निजी से जा रहे थे। बताया कि बस की ओवर स्पीड थी। जहां हादसा हुआ वहां कोई अव्यवस्था नहीं थी लेकिन स्पीड काफी थी। रोडवेज बस चालक ने डीपर देकर स्पीड कम करने के लिए सतर्क किया लेकिन प्राइवेट बस चालक ने स्पीड कम नहीं की। इसके चलते ही दोनों बसों के आगे से परखच्चे उड़ गए। अब सवाल उठता है कि जिलेभर में जो यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से चेकिंग की जाती है उन्हें यह स्पीड क्यों दिखाई नहीं देती। लोगों का कहना है कि इन जिम्मेदारों के रहमोकरम पर ही इन डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है।