संभल। पवांसा ब्लॉक में स्थित स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के खंड प्रेरक ने ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिवों के फर्जी हस्ताक्षर कर शौचालय स्वीकृत करा दिए। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिवों को हुई तो उन्होंने शिकायत की। इस मामले में जांच हुई तो मामला सही निकला। इसके बाद कर्मचारी व अन्य अधिकारियों को डीपीआरओ ने नोटिस जारी किया है। इसमें 265 व्यक्तिगत शौचालय फर्जी स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई है। लाखों रुपये के गबन करने की साजिश का राजफाश हुआ है।
डीपीआरओ ने खंड प्रेरक को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सेवा समाप्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि चार फरवरी को जिले के सभी खंड प्रेरक की बैठक हुई थी। इसमें व्यक्तिगत शौचालय के ऑनलाइन आवेदन की सत्यापन सूची उपलब्ध कराई गई थी। पवांसा ब्लॉक की 471 सत्यापित आवेदनपत्र उपलब्ध कराए गए। जिसमें 206 पात्र लाभार्थियों की सूची व 265 अपात्र लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई थी।
इसमें सत्यापित सूची की जांच की गई तो जानकारी सामने आई कि खंड प्रेरक ने ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और पंचायत सहायक के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसलिए तीन दिन की अवधि का नोटिस जारी किया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर एडीओ पंचायत को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनकी निगरानी में यह घपलेबाजी किस तरह हो गई।