सावन के अंतिम सोमवार को लेकर जिलेभर के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। इसे लेकर शिवभक्तों ने तैयारी कर ली है। शिवालयों में भी खास प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने बंदोबस्त किए हैं। इस दौरान शिवालयों में बम-बम भोले की गूंज रहेगी।
सावन माह में प्रत्येक दिन भगवान शंकर की पूजा की जाती है लेकिन सावन के सोमवार का विशेष महत्व है। सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में भोर से ही जलाभिषेक के लिए भक्त आना शुरू हो जाएंगे। मंदिरों को बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया है। अधिकतर शिवालय बिजली की आधुनिक झालरों व अन्य उपकरणों से सजाए जा रहे हैं। साथ ही भगवान आशुतोष पर चढ़ाने के लिए मंदिरों के बाहर बेल पत्र, फूल और धतुरे की दुकानें लग गई हैं। असमोली क्षेत्र के गांव गुमसानी स्थित झारखंडी महादेव मंदिर, संतोषपुरी सन्यास आश्रम अट्टा अतौरा, फत्तेहपुर भाऊ स्थित प्रकटेश्वर महादेव मंदिर, सरायतरीन के पातालेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक के अलावा जिले भर के अन्य मंदिरों में भी शिवभक्त बड़ी संख्या में जलाभिषेक करने पहुंचेंगे। बहजोई के सादातबाड़ी मंदिर, कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर बेरनी, झारखंड़ी मंदिर छाबड़ा, चंदौसी के मूछों के वाले शिवमंदिर सीता रोड, मंसिफ रोड स्थित शिव मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर बड़ा महादेव, प्राचीन शिव मंदिर मौलागढ़, पातालेश्वर शिव मंदिर हयातनगर सहित कई अन्य शिवालयों पर सुरक्षा को लेकर सुबह से दोपहर के बाद तक पुलिस बल तैनात रहेगा।