चंदौसी। थाना नखासा के वर्ष 2017 के मारपीट व एससीएसटी एक्ट के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले में विद्युत चोरी के मामले में दोबारा चेकिंग के लिए गई विद्युत विभाग की टीम के साथ मारपीट की गई थी।
अधीक्षण अभियंता के आदेश पर नौ मई 2017 की घटना के संबंध में एक मुकदमा थाना नखासा में दर्ज कराया गया। जिसमें बताया गया कि नौ मई 2017 को संभल के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, उप खंड अधिकारी द्वितीय संभल सुशील कुमार और लाइन स्टाफ मो. रफी, मो. नसीम के साथ थाना क्षेत्र के गांव मिठौली में पूर्व में कराई गई विद्युत चोरी की एफआईआर के परिपेक्ष में पुन: जांच करने गए थे।
यहां रनवीर ग्राम मिठौली के घर पहुंचे तो वहां रनवीर, रंजीत व धीर सिंह द्वारा चेकिंग टीम को घर के अंदर बुला लिया गया। तब ही 12-15 व्यक्ति घर में घुस आए और चेकिंग टीम के साथ मारपीट। पुलिस ने तीन आरोपियों के मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों के अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट रागिनी के न्यायालय में हुई। जहां तीनों आरोपियों को साक्ष्य अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।