संभल। हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार टूटकर तालाब में गिरा तो 42 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 12 भैंसें गंभीर रूप से झुलस गईं। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो काफी लोग एकत्र हो गए। एक दर्जन भैंसों को बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना भैंस मालिकों को हुईं तो कोहराम मच गया। सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हो गए।
पुलिस और बिजली विभाग को सूचना दी गई। बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुुंचे और जांच कराई। लोगों ने मौके पर ही मुआवजा दिए जाने की मांग की और भैंसों के शव उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाया और भैंसों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। बिजली विभाग की ओर से मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। इस हादसे से कई परिवारों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है। क्योंकि दूध बेचकर ही यह लोग अपने परिवारों का गुजारा कर रहे थे।
मंगलवार की शाम साढ़े तीन बजे करीब संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव मंडी किशनदास सराय के बाहरी छोर पर स्थित टीला तालाब में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। जिस समय तार गिरा उस समय तालाब में करीब 55 भैंसें थीं। तालाब में करंट दौड़ते ही किनारे खड़ी कुछ भैंसों ने दौड़ लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने देखा तो तार तालाब में गिरा नजर आया और करंट फैलने का शोर मचा दिया। बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इस हादसे में संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी निवासी भोजराज पाल की 10 भैंसें, संजय की 10 भैंसें, नानक की 10 भैंस, जितेंद्र कुमार की 7 भैंस, विकेश की 3 भैंसें और हल्लू सराय निवासी घनश्याम की 2 भैंसों की मौत हो गई।
हादसे की सूचना पर कोतवाल विकास सक्सेना, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता विजय यादव, एसडीओ शहर यशपाल सिंह, एसडीओ ग्रामीण मलखान सिंह भी पहुंच गए। पीड़ित लोगों ने मौके पर ही मुआवजा दिए जाने की मांग की। पुलिस ने किसी तरह समझाया और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब लोगों ने भैंसों के शव पोस्टमार्टम कराने के लिए उठाने दिए। बताया जा रहा है कि एक-एक भैंस की कीमत करीब 70 हजार से एक लाख रुपये तक की थी।