संभल। गांव दीपपुर डांडा में गंगा किनारे के जमीन पर हुए अवैध कब्जों को चिह्ति करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश करते हुए करीब 600 बीघा जमीन चिह्ति की है। जिस पर अवैध कब्जा है और उस पर ग्रामीणों ने गन्ना, सरसों और गेहूं की फसल लगा रखी है। चिह्ति की गई जमीन से मंगलवार को अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
गंगा किनारे की जमीन पर अवैध कब्जा करने को लेकर ग्रामीणों ने विवाद रहता है। शुक्रवार को भी दो पक्षों में करीब 30 बीघा जमीन पर कब्जा करने को लेकर विवाद हुआ। जिसमें एक व्यक्ति की जान गई। इसी घटना के बाद प्रशासन चेता और अब राजस्व विभाग की टीम को लगाकर अवैध कब्जे चिह्ति किए जा रहे हैं। जो जमीन चिह्ति की गई है उसके ज्यादातर हिस्से पर गन्ने की फसल खड़ी है। राजस्व विभाग की टीम ने करीब 300 बीघा गन्ने की फसल होने का आंकलन किया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में हड़कंप है।
रेत के खनन के लिए भी चर्चा में रहता है क्षेत्र
संभल। दीपपुर डांडा में रेत का खनन भी अवैध तरीके से किया जाता है। इस अवैध खनन पर कभी कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आती है। यही कारण है जो खनन माफिया गंगा किनारे को खोखला कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार डंपर और ट्रॉली से रेत भरकर संभल व आसपास के जिलों में जाता है। कार्रवाई के लिए कभी कोई आता नहीं इसलिए वर्षों से अवैध खनन होता चला आ रहा है।
गंगा किनारे की जमीन की पैमाइश करा ली गई है। पहले दिन की पैमाइश में करीब 600 बीघा भूमि पर अवैध फसल लगी हुई है। पैमाइश के दौरान जो अवैध कब्जा मिला है। उसको मुक्त कराया जाएगा और आवारा गोवंशीय पशुओं के लिए चारागाह के रूप में विकसित किया जाएगा।
रामकेश सिंह धामा, एसडीएम, गुन्नौर