संभल। दूसरे समुदाय के किशोर द्वारा अपहरण की गई किशोरी का सात दिन बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। शुरूआती छानबीन से लेकर कई शहरों में तलाश की गई लेकिन अब नतीजा शून्य है। तीन टीमें लगी हैं। सर्विलांस और एसओजी की टीमें स्थानीय स्तर पर जुटी हैं। पुलिस की छानबीन मुरादाबाद के पुराने बस अड्डे पर जाकर रुक जाती है।
मुरादाबाद रोडवेज बस अड्डे में लगे सीसीटीवी कैमरे तो खराब हैं लेकिन रोडवेज के मुख्य गेट के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में किशोरी और आरोपी किशोर जाते दिखाई दिए हैं। उसके बाद वह किस शहर को जाने वाली रोडवेज बस में बैठे इसका सुराग नहीं मिल रहा। पुलिस की टीमें पुराने रोडवेज बस अड्डे से जाने वाली बसों के कई शहरों में छानबीन कर आईं हैं और फिर से छानबीन करने के लिए दो टीमें गई हैं। कोतवाली से एक टीम उप निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में कलियर शरीफ, हरिद्वार तलाश करने के लिए गई है। दूसरी टीम उप निरीक्षक सुभाष मावी के नेतृत्व में मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हुई है। तीसरी टीम उप निरीक्षक दीपक राणा के नेतृत्व मुरादाबाद में डेरा डाले हुए है।
रोडवेज के आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मालूम हो 15 जुलाई की सुबह दूसरे समुदाय का किशोर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति की 15 वर्षीय बेटी को अपहरण कर ले गया था। पीड़ित परिजनों ने दो दिन धरना प्रदर्शन किया और 20 जुलाई को हिंदू जागरण मंच के नेतृत्व में महापंचायत की गई थी। इसमें किशोरी की बरामदगी नहीं होने पर रोष जताया था। जल्द किशोरी की बरामदगी नहीं होने पर जिलेभर में चक्का जाम करने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। महापंचायत को तीन दिन का समय बीत गया है। अब तक नतीजा शून्य है। पीड़ित परिवार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है।