ब्लॉक पवांसा के गांव करछली के ऊपर से होकर गुजर रही विद्युत हाईटेंशन लाइन। स्रोत-सहयोगी
बहजोई। सरकार की ओर से स्कूलों के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइनों को हटवाने के लिए विद्युत निगम को धनराशि दिए जाने के बाद भी जिले के 28 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर हाईटेंशन लाइनों का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार भी गैर जिम्मेदार बने हुए हैं। इससे परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा देने की शासन की मंशा को झटका लग रहा है।
शासन की ओर से बिजली विभाग के खाते में 78 लाख की धनराशि स्कूलों के ऊपर से बिजली लाइनें हटवाने के लिए भेजी जा चुकी है, लेकिन जिले में अभी भी 28 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जिनके ऊपर से होकर विद्युत हाईटेंशन लाइन गुजर रही है।
इनमें ब्लॉक बनियाखेड़ा के आठ, बहजोई के दो, असमोली, जुनावई और पंवासा के तीन-तीन, संभल के सात व गुन्नौर दो विद्यालय शामिल हैं। हर पल गंभीर खतरे के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को लेकर विभागीय अफसर संजीदा नहीं हैं।
इन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग न होने से विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे ही नहीं शिक्षक व अन्य स्टाफ भी भय के वातावरण पठन-पाठन करते हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक (निर्माण), सचिन सक्सेना ने बताया कि बीते दिनों जिले भर में 41 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से होकर हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। इसके लिए शासन की ओर से निगम को 77.48 लाख रुपये दिए गए थे। इसको लेकर निगम की ओर से 13 हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट करा दिया गया था। शेष विद्यालयों के ऊपर से होकर गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग के लिए विभाग की ओर से निगम के अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।
ब्लॉक पवांसा के गांव करछली के ऊपर से होकर गुजर रही विद्युत हाईटेंशन लाइन। स्रोत-सहयोगी