गांव रसूलपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर में लकड़ी के उत्पाद तैयार करते कारीगर। संवाद
संभल। सरायतरीन के पास गांव रसूलपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर में आधुनिक मशीनों के जरिए कारीगर हस्तशिल्प उत्पादों को चमका रहे हैं। हाल ही में कारीगरों ने महिलाओं की ड्रेस को सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सींग के बक्कल का बड़ा ऑर्डर तैयार किया है। दिल्ली की फर्म को 5000 बक्कल का माल भेजा गया है। सेंटर में लकड़ी के फ्रेम के पटले तैयार करने का बड़ा ऑर्डर तैयार किया जा रहा है।
गांव रसूलपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की शुरूआत जनवरी 2025 में हुई थी। सेंटर में लकड़ी के फ्रेम के पटले और सींग के बटन को तैयार करने के लिए आधुनिक मशीनें लगी हैं। कारोबारियों के ऑर्डर के मुताबिक की फ्रेम के पटले और बटन को तैयार करने का काम कारीगर कर रहे हैं। दिल्ली की एक फर्म ने महिलाओं की ड्रेस में लगने वाले बक्कल का बड़ा ऑर्डर दिया तो कारीगर पूरी शिद्दत के साथ उसे तैयार करने में जुट गए। हाल ही में 5000 बक्कल तैयार करके भेजे गए हैं, जो सींग के हैं। दिल्ली की फर्म ने तैयार बक्कल खूब पसंद किए हैं।
यहां सींग के ही दो लाख बटन और तैयार किए जाने हैं। इसके अलावा मेरठ की फर्म को कैरम बोर्ड की गोटियों के सैंपल के सेट भेजे गए हैं, यह भी सींग निर्मित हैं।
जल्द ही ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। वहीं लकड़ी के फ्रेम के पटले तैयार करने में भी कारीगर जुटे हुए हैं। सेंटर में काम करने वाले कारीगरों का न सिर्फ हुनर चमक रहा है बल्कि रोजगार भी मिल रहा है।
गांव रसूलपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर में लकड़ी के उत्पाद तैयार करते कारीगर। संवाद