संभल। अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला संगम के तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता कुवैत मिलिंद कुलकर्णी एवं दीप प्रज्वलन पूनम रेनू तिवारी ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती पूजन के साथ डॉ. डीएन शर्मा और डॉ. विजय लक्ष्मी शर्मा ने की। यश भारती डॉ. माहेश्वर तिवारी ने कहा, रोए हैं पेड़, कोहरे में सोए हैं पेड़, पत्ता-पत्ता नम है, यह सबूत क्या कम है। लगता है लिपटकर टहनियों से, बहुत-बहुत रोएं हैं पेड़। डॉ. महेश दिवाकर ने अपनी रचना सुनाई, घोर प्रदूषण बढ़ रहा, मृत्यु करे आगाज, हॉर्न, ढोल, डीजे बजे।
संस्थापक डॉ. डीएन शर्मा ने काव्य पाठ में सुनाया, फट गया ओजोन परत का आवरण, कैसे हो धरती पर शुद्ध पर्यावरण। अतुल कुमार शर्मा ने सुनाया, हे मानव अब रखो कुल्हाड़ी, और ना हम पर धार धरो। इस दौरान डॉ. पूनम बंसल, डॉ. मुकेश गुप्ता, प्रतिज्ञा गर्ग, डॉ. संतोष कुमार पांडेय, डॉ. सरोज गुप्ता, करुणा पांडेय, रामगोपाल, डॉ. प्रवीण चंद्र बिष्ट, डॉ. मीरा कश्यप आदि मौजूद रहे।