गणेश चतुर्थी पर भगवान गजानन की रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। रथयात्रा का शुभारंभ पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने फीता काटकर किया। रथयात्रा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। रथयात्रा में 19 झांकी सहित 43 आईटम शामिल रहे। इनमें प्रमुख रूप से स्वर्णिम स्वरूप में गणेश व खेल सामग्री से बनाए गए हनुमान जी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। करीब एक लाख से अधिक संख्या लोग रथयात्रा देखने पहुंचे। अंत में गणेश की मुख्य प्रतिमा की आरती जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने की।
मुंबई के बाद उत्तर भारत में चंदौसी में गणेश चतुर्थी पर भगवान गजानन की विशाल रथयात्रा निकाली जाती है। बुधवार को निकाली गई रथयात्रा में सबसे पहले एक हाथी, छह घोड़े व छह ऊंट निकाले गए। इनके पीछे कलाकार तड़वड़िया बजाते हुए चल रहे थे। गुड्डा-गुड़िया की झांकी अपने करतब दिखाकर सभी वर्गों को हंसा रही थी। इसके बाद श्रद्धालु नंगे पाव साईं पालकी लेकर चल रहे थे। पालकी में साईं बाबा की प्रतिमा विराजमान थी। इसके पीछे राष्ट्रीय सौहार्द को दर्शाती हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई की झांकी थी। झांकी के पीछे कलाकार ढोल बजाते चल रहे थे। जिसमें युवा वर्ग नृत्य करते चल रहे थे। खाटू श्याम की झांकी बरबस ही सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती चल रही थी। इसके पीछे संभल वाली झांकी शामिल थी। इसके पश्चात घटोत्कच की विशाल स्वचालित सभी का मनमोह रही थी। इस दौरान रथयात्रा देखने वालों सड़कों को श्रद्धालुओं मौजूद थे। इस झांकी के पीछे विजय बैंड पर धार्मिक धुनें बजाई जा रही थी। इन धुनों में युवा नृत्य व झूम रहे थे। बैंड के पीछे दिल्ली आया ढोल शामिल था। जिसकी धुन सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इसके बाद यशोदा मैया श्रीकृष्ण को झुलाते हुए की स्वचालित झांकी शामिल थी। जो श्रद्धालुओं को काफी लुभा रही थी। इसके बाद कलाकार ढोल बजाते चल रहे थे।
रथयात्रा में मुख्य रुप ये लोग रहे मौजूद
राज्यमंत्री गुलाब देवी, बनियाखेड़ा ब्लॉक प्रमुख डॉ. सुगंधा सिंह, रामपाल, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह, गिरीश रतन, सुधीर मल्होत्रा, इंदु रानी, डॉ. टीएस पाल, शुभम अग्रवाल सहित मेला कमेटी के मुख्य सचिव हरिगोपाल वार्ष्णेय, विनय सराफ, ललित किशोर, सुधीर गुप्ता, रविंद्र कुमार, मनोज कुमार, डॉ. राजीव कुमार, प्रजीत लालू, शशिकांत गुप्ता, प्रभात कृष्णा, सतेंद्र मामा, फहीमुद्दीन, जय गोपाल वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
The city resonated with the chants of Ganpati Bappa Morya- फोटो : CHANDAUSI