वहीं जमीयत ए इस्लामी हिंद ने मुहिम को सफल बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।
तंजीम उलामा ए एहले सुन्नत की बैठक बुधवार को अनार वाली मस्जिद पर हुई। शुरूआत तिलावते कुराने पाक और नाते रसूल से हुई। इसमें शाही इमाम ईदगाह मौलाना सुलेमान अशरफ हामिदी ने कहा कि दिन व रात को नहीं बदल सकते उसी प्रकार शरीयत के कानून को भी नहीं बदल सकते हैं। केंद्र सरकार जानबूझकर मुसलमानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि मुस्लिम महिलाओं को जागरुक कर उनके हस्ताक्षर पत्र मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भेजे जाऐंगे।
सुआलेहीन रजा, कारी रैयान अशरफ, मुबीन अशरफ, मौलाना फाजिल आदि मौजूद रहे। दलित सुरक्षा मंच की बैठक चौधरी सराय में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन तलाक के मामले में इस्लाम की भावनाओं को जो ठेस पहुंचाई है। वह शरीयत के खिलाफ है। वहीं मदरसा सिराजुल उलूम हिलाली सराय में मुस्लिम व सियासी दलों की एक बैठक हुई। तय किया गया कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद तीन तलाक मामले में एहतिजाजी मुजाहयरा किया जाएगा। उसके बाद राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अधिकारियों को दिया जाएगा।
जबकि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहफ्फुज के लिए जमात ए इसलामी हिंद ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। हाफिज मिस्बाह उन्नवी, डा. मोहम्मद शाहबेज, मोहतसिम बिल्लाह, डा. नय्यर जमाल, शाहिद खान, छडा. रिजवान, मुनव्वर, ताहिर आदि मौजूद रहे। एसोसिएसन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स की बैठक में भी तीन तलाक के मुद्दे का उठाया गया। मोहम्मद माहतासिम, सुबहान, यामीन, अजरम, सलमान आदि मौजूद रहे।