मुरादाबाद। नोएडा में अक्तूबर में लगने वाले दिल्ली फेयर के स्टॉल का किराया कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। नया मुरादाबाद स्थित ईपीसीएच हाउस में 13 अगस्त को होने वाले इंटरैक्टिव सेशन फॉर अक्तूबर फेयर में स्टॉल की कीमत घटाने के प्रस्ताव पर निर्यातक संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे। ईपीसीएच चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना की ओर से स्टॉल के रेट में करीब चार हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक कमी का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस दौरान निर्यातक संगठनों से मिले सुझावों को 20 अगस्त को दिल्ली में होने वाली ईपीसीएच बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड के निर्णय के बाद स्टॉल की नई दर तय होंगी।
ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि 13 अगस्त को दोपहर दो बजे इंटरैक्टिव सेशन होगा। इसमें मुरादाबाद के सभी निर्यातक संगठनों के अध्यक्ष और सचिव को आमंत्रित किया गया है। संगठनों से स्टॉल की कीमत कम करने के प्रस्ताव पर राय ली जाएगी। सभी संगठन से सुझाव मांगे जाएंगे। बैठक में फेयर की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि वह दूसरी बैठक 16 अगस्त को जोधपुर में करेंगे। इसमें जोधपुर और जयपुर के निर्यातक संगठनों के अध्यक्ष और सचिव शामिल होंगे। स्टॉल की कीमत घटाने के प्रस्ताव पर वहां भी सुझाव लिए जाएंगे। दोनों बैठकों से मिले सुझाव 20 अगस्त को दिल्ली में होने वाली ईपीसीएच बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे। बोर्ड के फैसले के आधार पर स्टॉल की नई दर और आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
00
3500 स्टॉल के लिए आए 4200 से अधिक आवेदन
-नोएडा में 13 अक्तूबर से शुरू होने वाले फेयर में कुल 3500 स्टॉल हैं। इनके लिए 4200 से अधिक आवेदन आए हैं। आवेदन अधिक होने के कारण स्टॉल आवंटन को लेकर निर्यातकों की नजर ईपीसीएच के फैसले पर है। ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि स्टॉल का आवंटन 14 से 18 अगस्त के बीच किसी भी दिन किया जा सकता है।
00
शाम चार बजे होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
-13 अगस्त को इंटरैक्टिव सेशन के बाद शाम चार बजे ईपीसीएच चेयरमैन प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें अक्तूबर फेयर की तैयारियों, स्टॉल आवंटन और कीमत घटाने के प्रस्ताव से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
00
देशभर के निर्यातक उठा चुके हैं किराया कम करने की मांग
-अक्तूबर फेयर के स्टॉल का किराया कम करने की मांग केवल मुरादाबाद ही नहीं, बल्कि देशभर के निर्यातक संगठन उठा चुके हैं। मुरादाबाद के अलावा जोधपुर, जयपुर, सहारनपुर, फिरोजाबाद, आगरा, अलीगढ़, भदोही, वाराणसी, मेरठ, मुंबई, कोलकाता, नोएडा, दिल्ली, पानीपत और बंगलूरू के निर्यातकों ने भी ईपीसीएच के सामने मांग रखी है। निर्यातकों ने मौजूदा कारोबारी परिस्थितियों को देखते हुए स्टॉल किराये में कम से कम चार हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की कमी की मांग की है। निर्यातकों का कहना है कि फेयर में स्टॉल की लागत अधिक होने से कारोबार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा है। किराया कम होने से फेयर में भाग लेने वाले निर्यातकों की लागत घटेगी और उन्हें राहत मिलेगी। ईपीसीएच चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि निर्यात उद्योग इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे में निर्यातकों को राहत देने की जरूरत है। वह स्वयं निर्यातक हैं और कारोबारियों की समस्याओं को समझते हैं। निर्यात संगठनों की ओर से लगातार समस्याओं और सुझावों से ईपीसीएच को अवगत कराया जा रहा है।