चंदौसी। महाशिवरात्रि पर राजघाट से कांवड़ में गंगा जल भरकर लाने वाले कांवड़ियों के नगर में प्रवेश करने वाले क्षतिग्रस्त व जर्जर सड़कें स्वागत करेंगी। क्योंकि नगर पालिका प्रशासन ने अभी तक कांवड़ियों के प्रवेश द्वार व शहर के अन्य हिस्सों की जर्जर व गड्ढा युक्त सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया है। कांवड़ियों को जर्जर सड़कों पर चलने को मजबूर होना पड़ेगा।
महाशिवरात्रि पर्व पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए 27 फरवरी को शहर से शिवभक्त राजघाट रवाना होंगे। इसके बाद 28 फरवरी को राजघाट से कांवड़ में जलभर कर हजारों की संख्या में शिवभक्त वापस लौटेंगे। गांव पतरौआ से खुर्जा गेट होते हुए शिवभक्त नगर में प्रवेश करेंगे। यहां खुर्जा गेट पर प्रवेश द्वार से ही नगर की क्षतिग्रस्त व गड्ढायुक्त सड़कें कांवड़ में जल भरकर लाने वाले शिवभक्तों का स्वागत करेंगी। शहर की सड़कों की हालत प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से नहीं छिपी है। सैकड़ों बार शिकायत के बाद भी सड़कों की दशा में कोई सुधार नहीं किया गया है।
महाशिवरात्रि को देखते हुए भी नगर पालिका प्रशासन ने क्षतिग्रस्त व गड्ढुयुक्त सड़कों की मरम्मत कराना उचित नहीं समझा। जिस कारण इस बार शिवभक्तों को शहर की जर्जर व क्षतिग्रस्त सड़कों पर चलकर भगवान शंकर को परीक्षा देनी पड़ेगी। शहर की सड़कों की हालत देखने के बाद भी शिवभक्तों के जोश में कोई कमी नहीं आई है। शिवभक्त सड़कों की जर्जर सड़कों पर चलकर भगवान शिव को परीक्षा देने को तैयार है।