संभल। गांव चिमियावली स्थित तीन मीट फैक्टरी में श्रम विभाग की टीम ने न्यायिक तहसीलदार के नेतृत्व में चेकिंग की। जिसमें एक मीट फैक्टरी में 15 से 17 वर्षीय सात किशोर काम करते मिले। टीम में नाबालिगों को चिह्नित कर दो दिन में दस्तावेज श्रम कार्यालय में जमा कराए जाने के लिए कहा है। वहीं अन्य दो फैक्टरियों में श्रम अधिनियम का उल्लंघन पाया गया है। दस्तावेज किसी भी फैक्टरी में दिखाए नहीं गए। कार्रवाई के दौरान मीट फैक्टरी के मालिक से नोकझोंक भी हुई। सभी फैक्टरियों में कार्रवाई करीब तीन घंटों तक चली। श्रम प्रवर्तन अधिकारी का दावा है कि शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी के आदेश पर चेकिंग की गई थी।
मंगलवार की दोपहर श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनोद कुमार शर्मा और न्यायिक तहसीलदार पुलिस टीम के साथ मीट फैक्टरी पहुंचे। एक मीट फैक्टरी में 15 से 17 वर्षीय सात किशोर मिले। जिनसे श्रम विभाग की टीम ने पूछताछ की और उनको चिह्नित कर दो दिन में दस्तावेज श्रम कार्यालय में जमा कराए जाने के लिए कहा गया। इसके बाद दो अन्य मीट फैक्टरियों में टीम ने चेकिंग की। दस्तावेज फैक्टरी के कर्मचारी दिखा नहीं सके। श्रमिकों से न्यूनतम वेतन की जानकारी की लेकिन वह दे नहीं सके। कई श्रमिक ऐसे मिले जिनका नाम रजिस्ट्रर में दर्ज ही नहीं था।
कार्रवाई के दौरान एक मीट फैक्टरी के मालिक से नोंकझोंक भी हुई। उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाए और कई गंभीर आरोप भी लगाए। श्रम प्रवर्तन विभाग की कार्रवाई दोपहर से शाम तक हुई।
शिकायत के आधार पर चेकिंग की गई थी। एक मीट फैक्टरी में 15 से 17 वर्षीय सात किशोर काम करते मिले हैं। किशोरों को चिह्नित करते हुए दो दिन कार्यालय में दस्तावेज जमा कराए जाने के लिए कहा गया है। वहीं दो अन्य फैक्टरी में श्रम अधिनियम का उल्लंघन मिला है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विनोद कुमार शर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, संभल