संभल जिले के कस्बा नरौली में फ्री गाजा, फ्री फिलस्तीन और इस्राइली सामान के बहिष्कार की अपील से जुड़े पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर चिपकाए जाने से हड़कंप मच गया। यह पोस्टर मंदिरों, मस्जिदों, मदरसों, दुकानों और खंभों पर चिपकाए गए थे। पुलिस ने जांच कर सात युवकों को गिरफ्तार किया। इनमें से तीन को जेल जबकि चार को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पोस्टर चिपकाने से फैली सनसनी
यह मामला तब सामने आया जब शुक्रवार सुबह कस्बे के लोगों की नजर दीवारों और खंभों पर लगे इन विवादित पोस्टरों पर पड़ी। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका के बाद पुलिस भी सर्तक हो गई। यह पोस्टर नरौली के भट्टी वाला बाग, कुरैशियान चौराहा, काजी टोला चौराहा, सब्जी मंडी, मैन मार्केट, सर्राफा मार्केट, जामा मस्जिद तिराहा, पीपल वाला मंदिर, चामुंडा मंदिर और बंजारी कुआं समेत कई स्थानों पर चिपकाए गए थे।
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान से खुलासा
थाना बनियाठेर के प्रभारी निरीक्षक रामवीर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय दुकानदारों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद रहीस निवासी नई बस्ती नरौली, मतलूब, फरदीन, असीम, सैफ अली, अरमान और अरबाज निवासी गांव जनेटा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।