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Sambhal: मिट्टी निकालते समय ढांग गिरी, पांच लड़कियां दबीं, छठीं की छात्रा की दम घुटने से माैत... दूसरी गंभीर

Sat, 14 Jun 2025 07:09 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैसी

सार

संभल के भागनगर गांव में मिट्टी ढहने से पांच लड़कियां दब गईं। हादसे में गंभीर रूप से घायल कुंती की बहजोई सीएचसी में मौत हो गई। घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है। 
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मिट्टी से दबने के कारण कुंती ने दम तोड़ दिया - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल के धनारी थाना क्षेत्र के गांव भागनगर में शनिवार दोपहर घर की लिपाई करने के लिए पड़ोस के गांव मानकपुर में मिट्टी निकालने गईं पांच लड़कियां ढांग ढहने से दब गईं। आसपास मौजूद महिलाओं के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने लड़कियों को बाहर निकाला। पुलिस ने कुंती (15) और आशा (17) की हालत गंभीर होने पर बहजोई सीएचसी भेज दिया।

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जहां चिकित्सक ने कुंती को मृत घोषित जबकि आशा को मुरादाबाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। गांव मानकपुर निवासी कुंती, आशा, पार्वती, शांति, विद्या, रामवती, फूलवती, अमलेश, सुमन, सावित्री, अखिलेश, कृष्णा मिट्टी निकालने के लिए गांव भागनगर में मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर बने गड्ढों से घर की लिपाई के लिए पीली मिट्टी लाने के लिए ई-रिक्शा से गई थीं।

दोपहर एक बजे के करीब ढांग भरभरा कर गिर गई। कुंतलों मिट्टी के नीचे अमलेश, विद्या, कृष्णा, कुंती, आशा दब गईं। साथ गई लड़कियों व महिलाओं ने शोर मचा दिया। शोर सुन कर भागनगर गांव के लोग पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने मिट्टी हटा कर कुछ ही देर में पांचों लड़कियों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया।
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सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई। इसमें आशा पुत्री जयवीर और कुंती पुत्री नेकसे की हालत नाजुक होने पर सीएचसी बहजोई भेज दिया। जहां चिकित्सक ने कुंती को मृत घोषित कर दिया। आशा मुरादाबाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मृतका कुंती के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। जिससे बिना कार्रवाई के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

मिट्टी लाने के लिए तीन किलोमीटर दूर जाती हैं महिलाएं
गांव मानकपुर की महिलाएं और लड़कियां घर के आंगन आदि की लिपाई के लिए तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव भागनगर से मिट्टी लाने के लिए जाती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का क्षेत्र होने की वजह से मानकपुर गांव की मिट्टी रेतीली है। जिससे यहां की मिट्टी से घर के आंगन की लिपाई नहीं हो पाती।

इस कारण महिलाओं को तीन किलोमीटर दूर गांव भागनगर जाना पड़ता है। मृतका कुंती भी अपने मोहल्ले की लड़कियों और महिलाओं के साथ ई-रिक्शा से गांव भागनगर मिट्टी लाने के लिए गई थी।
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परिजनों का रो-रोकर बुराहाल
ढांग की नीचे दब कर कुंती की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है। मां जशोदा रो-रोकर बदहवास हो गई है। कुंती तीन बहनों में छोटी थी। दो छोटे भाई भी हैं। पिता नेकसे हरिद्वार में मजदूरी करने के लिए गए हुए हैं। परिजनों ने बताया कि कुंती गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी।
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