बवाल के चार महीने बाद हुई जामा मस्जिद कमेटी सदर की गिरफ्तारी
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल 24 नवंबर को हुआ था। सर्वे के दौरान जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट भी टीम के साथ मौजूद थे। बवाल के दिन उन पर साजिश रचने के साक्ष्य पुलिस को मिले। इसके अलावा सदर ने 25 नवंबर 2024 को प्रेसवार्ता कर पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया था।
कहा था कि बवाल में पुलिस ने गोली चलाई और उसमें पांच लोगों की जान चली गई। इस आरोप के चलते बीएनएस 230 और 231 के तहत कार्रवाई की गई। दर्ज मुकदमे में पहली गिरफ्तारी चार महीने बाद सदर की हुई है।
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जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में एक गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम प्रयास कर रही है। सांसद को विवेचक द्वारा बीएनएसएस 35 के तहत नोटिस जारी किया जाना है। विवेचक द्वारा विवेचना में सहयोग मांगा जाना है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल