वारिस और गुलाम की भूमिका सामने आई थी
एसपी ने बताया कि मुल्ला अफरोज की गिरफ्तारी के बाद ही गुलाम और वारिस की भूमिका सामने आई थी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि शारिक साटा के माध्यम से ही पिस्टल और विदेशी कारतूस संभल तक पहुंचे थे। गिरोह का मकसद था कि शहर में कर्फ्यू लगवा दिया जाए।
इसमें पुलिसकर्मियों की हत्या की भी साजिश रची थी। बवाल के दौरान 29 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे। डीएम और एसपी पर जानलेवा हमला किया गया था। बवाल जामा मस्जिद से शुरू होकर हिंदूपुरा खेड़ा तक पहुंच गया था।
शारिक साटा के खिलाफ लुकआउट नोटिस है जारी
दीपा सराय निवासी शारिक साटा देश के बड़े वाहन चोरों की सूची में शामिल है। दिल्ली पुलिस के अनुसार वह दाऊद इब्राहिम की डी गैंग और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में भी रहता है। आईएसआई के माध्यम से मिलने वाले नकली नोट भारत में खपाने के आरोप में दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन जमानत मिलने पर फर्जी पासपोर्ट के माध्यम से विदेश भाग गया। संभल पुलिस को जानकारी है कि वह दुबई में रहकर वाहन चोरी, हथियार सप्लाई व अन्य अवैध धंधे चलाता है। एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी है।
हत्या के आरोपी मुल्ला अफरोज के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई है। उसके साथी अन्य दो आरोपियों के खिलाफ भी एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल