एडीएम के 2009 के आदेश से भी प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
हातिम सराय में स्थित जिस जमीन पर मकानों का निर्माण किया गया है। उस जमीन का गाटा संख्या 84, 85व और 86 अंकित है। इस जमीन को लेकर वर्ष 2009 में तत्कालीन एडीएम हरज्ञान सिंह पुंडीर की कोर्ट में सुनवाई हुई थी। 14 सितंबर 2009 को राम सुनीति देवी की निजी संपत्ति होने का आदेश किया गया था।
इसमें कहा गया था कि पीपी एक्ट के तहत जारी किए गए 35 नोटिस वापस किए जाएं। एडीएम की कोर्ट में यह मामला 35 नोटिस जारी होने के बाद पहुंचा था लेकिन जांच पड़ताल हुई तो निजी जमीन होने के प्रमाण पाए गए थे। वर्तमान में चल रही कार्रवाई पर इस आदेश के सामने आने के बाद सवाल खड़े हो गए थे।
राम सुनीति देवी की पोती ने भी कहा, उनकी दादी ने बेची थी जमीन
हातिम सराय निवासी राम सुनीति देवी की पोती सरायतरीन निवासी पूर्वी वार्ष्णेय ने कहा कि जिस जमीन पर 80 मकानों का निर्माण किया गया है। वह उनकी दादी की जमीन थी। जो उनकी दादी ने ही बेची थी। सरकारी तालाब नहीं था। साथ ही बताया था कि 12 बीघा जमीन लोगों को बेची थी। इसमें आठ बीघा जमीन पर यह मकान बने हैं। इस दावे के बाद भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद ही डीएम ने सभी से अपने-अपने प्रमाण दिखाने के लिए कहा था।