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संभल बवाल : शारिक साठा की साजिश और अनजान चेहरे बने बड़े बवाल का बड़ा कारण

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संभल। 24 नवंबर 2024 की सुबह सात बजे का वह वक्त जिसने भी देखा है, दशकों तक नहीं भूल पाएगा। सैकड़ों लोगों के शोर की आवाज से शहर गूंज रहा था। दूर तक आवाज सुनाई दे रही थी। इन आवाजों को सुनकर भी लोग आगे बढ़ते चले गए।
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हालात करीब 8.30 बजे अचानक बिगड़ने लगे। शोर मचने लगा कि मस्जिद में खोदाई शुरू कर दी गई है। इसके बाद भीड़ की ओर से पथराव किया जाने लगा। फोर्स इतनी नहीं थी कि सैकड़ों लोगों की भीड़ को काबू कर पाती। हालांकि लाठी से खदेड़ने का प्रयास किया लेकिन खुले चेहरे वाले ज्यादातर लोग धार्मिक नारे लगाने लगे थे। इससे माहौल ज्यादा बिगड़ गया था। फोटो और वीडियो में तमाम खुले चेहरे आए लेकिन इन तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। यह कौन थे और कहां से आए थे कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने पोस्टर लगाकर तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।
अनजान चेहरों की भीड़ और बवाल में बड़ी साजिश रचने वाला बड़ा वाहन चोर शारिक साठा के गुर्गे बवाल के बड़ा बनने का कारण बने। शारिक साठा के गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम ने विदेशी हथियारों से गोलियां चलाई थीं। पांच नौजवानों की जान गई थी लेकिन हयातनगर निवासी रोमान का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था इसलिए उनका नाम पुलिस रिकॉर्ड में नहीं है।
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बाकी अयान, बिलाल, नईम और कैफ के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसआईटी की जांच में मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम प्रकाश में आए थे। इन आरोपियों के कब्जे से विदेशी हथियार और कारतूस भी बरामद हुए थे। आरोपियों ने शारिक साठा द्वारा हथियार उपलब्ध कराने की बात कबूल की थी। साथ ही गोली चलाने की साजिश की भी जानकारी दी थी।
जिसमें बताया था कि पुलिसकर्मियों की हत्या करने की साजिश थी लेकिन भीड़ में मौजूद लोग मारे गए। पुलिसकर्मी मारे जाते तो शहर में कर्फ्यू लग जाता और इससे बवाल और बड़ा रूप लेता। पुलिस ने इन तीनों गुर्गों को जेल भेज दिया था। एनएसए की कार्रवाई भी तीनों के खिलाफ हो चुकी है। शारिक साठा भगोड़ा घोषित है। उसके विदेश में रहने की जानकारी पुलिस को है। पुलिस लुकआउट नोटिस जारी कराने के प्रयास कर रही है।
शारिक पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में होने का भी आरोप

एसआईटी ने जांच के दौरान खुलासा किया था कि शारिक साठा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में रहता है। वह नकली नोट खपाने का काम करता है। नकली नोट के मामले में एक बार दिल्ली में गिरफ्तार हुआ था। वाहन चोरी का गिरोह चलाता है और हथियार और सोना तस्करी में भूमिका सामने आने के बाद ही वह विदेश भाग गया था। अब वह विदेश ही गिरोह चला रहा है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि उसके दुबई में होने की जानकारी है। लुकआउट नोटिस जारी हो जाए तो इंटरपेाल के माध्यम से उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी।

12 एफआईआर में 2750 अज्ञात व 40 नामजद थे आरोपी

संभल बवाल में 12 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें चार हत्या की एफआईआर शामिल थीं। इन 12 एफआईआर में 2750 अज्ञात और 40 नामजद आरोपी बनाए गए थे। एसपी द्वारा गठित की गई एसआईटी ने 138 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। सभी मामले कोर्ट में ट्रायल पर हैं। शारिक साठा भगोड़ा घोषित है। इस बवाल में वह मुख्य साजिशकर्ताओं की सूची में शामिल है।
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जिन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल सके, उनके खिलाफ ही कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। एसआईटी की दमदार पैरवी लगातार चल रही है।
कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी
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