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Sambhal: डेंगू और बुखार से छात्रा समेत तीन की मौत, गुस्साए ग्रामीणों का स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन

Wed, 11 Oct 2023 10:17 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल में बुखार और डेंगू से जान जाने का सिलसिला लगातार जारी है। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक गांवों में राहत नहीं दिला सका है। इससे गुस्साए लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। 
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संभल में प्रदर्शन करते परिजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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डेंगू बुखार से असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव मछरिया में छात्रा तनु (20) पुत्री दिनेश और गांव सेवापुर पदारथपुर में महिला अनुखा देवी (42) पत्नी पिंटू सिंह की मौत हो गई। जबकि पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव रसूलपुर धतरा में झोलाछाप के उपचार से बिरजू सैनी (28) पुत्र गेंदनलाल की मौत हो गई है। तनु बीए अंतिम वर्ष की छात्रा था। छात्रा के पिता दिनेश ने बताया कि एक सप्ताह पहले बुखार आया था। रविवार की सुबह में मेरठ ले गए थे। सोमवार की रात्रि में उपचार के दौरान वहीं मौत हो गई।

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गांव के लोगों ने बताया कि गांव में ग्राम प्रधान सत्यभान सिंह और उनकी पत्नी भाग्यवती भी डेंगू पॉजिटिव हो गई थीं। उनका उपचार चल रहा है। इनके अलावा कुसुम और उनके दो बेटे विकास और रवि भी डेंगू पॉजिटिव है। चंद्रभान, ममता देवी को भी डेंगू है। उन्होंने बताया कि डेंग से करीब 80 व्यक्ति होंगे, जो अपना इधर-उधर उपचार करा रहे हैं।

सेवापुर पदारथपुर निवासी अनुखा देवी को चार दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने पहले गांव में ही झोलाछाप को दिखाया था। हालत ज्यादा खराब हुई तो मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डेंगू बुखार की पुष्टि हुई। गांव सेवापुर पदारथपुर में 200 से अधिक लोग बीमार पड़े हैं। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। डेंगू और बुखार से हो रही मौतों से बुखार पीड़ित लोगों में दहशत है। 

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परिजनों ने अपंजीकृत क्लीनिक पर जाकर किया हंगामा

सरायतरीन। रसूलपुर धतरा में बिरजू सैनी की मौत सोमवार की रात 11 बजे के करीब हो गई थी। परिजनों के अनुसार पांच दिन पहले बुखार आया था। उपचार गांव के झोलाछाप चिकित्सक से चल रहा था। सोमवार को डेंगू की पुष्टि हुूई थी। इसके बाद दवाई झोलाछाप चिकित्सक से ली। दवाई खाने के बाद हालत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजनों ने गलत दवाई देने का आरोप लगाया और झोलाछाप के क्लीनिक पर पहुंचकर हंगामा किया। लोगों की भीड़ लग गई। बाद में झोलाछाप चिकित्सक और मृतक के परिजनों में समझौता हो गया। इसके बाद बिना कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बिरजू की पत्नी रजनी देवी ने बताया कि दो बेटी और एक मासूम बेटे को पति छोड़ गए हैं।

मछरिया में उपचार न मिलने से आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन

गांव सघन मछरिया में बुखार के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे बंटी ने कहा कि कहने को गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, पर इसमें सुविधाओं जैसा कुछ नहीं है। सत्यपाल सिंह ने कहा कि गांव में अब तक 7 मौतें हो गईं, पर किसी ने सुध नहीं ली। न स्वास्थ्य विभाग के कर्मी आए और न प्रशासन के अधिकारियों ने ध्यान दिया। वर्तमान समय में भी गांव में 200 से अधिक बीमार हैं। यह अपना उपचार दूसरे शहरों में जाकर करा रहे हैं। इस दौरान कपिल, चंद्रपाल, प्रियांशू, राजू, बोबी, सौरभ, रविंद्र, त्रिवेंद्र, दीपक, सुमित, रचित, राजेंद्र, लल्तू, मुन्नू, राजो देवी, अंगूरी देवी, कोमल आदि रहे।
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गांव मछरिया में मंगलवार को टीम को भेजकर फॉगिंग कराई है। बुधवार को शिविर भी लगाया जाएगा। गांव में कितने मरीज है। इसकी जानकारी कराई जाएगी। गांव रसूलपुर धतरा में झोलाछाप के उपचार से मौत होने की जानकारी मिली है। उसकी भी जानकारी कराई जाएगी। - डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी, संभल





 
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