परिजनों ने अपंजीकृत क्लीनिक पर जाकर किया हंगामा
सरायतरीन। रसूलपुर धतरा में बिरजू सैनी की मौत सोमवार की रात 11 बजे के करीब हो गई थी। परिजनों के अनुसार पांच दिन पहले बुखार आया था। उपचार गांव के झोलाछाप चिकित्सक से चल रहा था। सोमवार को डेंगू की पुष्टि हुूई थी। इसके बाद दवाई झोलाछाप चिकित्सक से ली। दवाई खाने के बाद हालत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजनों ने गलत दवाई देने का आरोप लगाया और झोलाछाप के क्लीनिक पर पहुंचकर हंगामा किया। लोगों की भीड़ लग गई। बाद में झोलाछाप चिकित्सक और मृतक के परिजनों में समझौता हो गया। इसके बाद बिना कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बिरजू की पत्नी रजनी देवी ने बताया कि दो बेटी और एक मासूम बेटे को पति छोड़ गए हैं।
मछरिया में उपचार न मिलने से आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन
गांव सघन मछरिया में बुखार के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे बंटी ने कहा कि कहने को गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, पर इसमें सुविधाओं जैसा कुछ नहीं है। सत्यपाल सिंह ने कहा कि गांव में अब तक 7 मौतें हो गईं, पर किसी ने सुध नहीं ली। न स्वास्थ्य विभाग के कर्मी आए और न प्रशासन के अधिकारियों ने ध्यान दिया। वर्तमान समय में भी गांव में 200 से अधिक बीमार हैं। यह अपना उपचार दूसरे शहरों में जाकर करा रहे हैं। इस दौरान कपिल, चंद्रपाल, प्रियांशू, राजू, बोबी, सौरभ, रविंद्र, त्रिवेंद्र, दीपक, सुमित, रचित, राजेंद्र, लल्तू, मुन्नू, राजो देवी, अंगूरी देवी, कोमल आदि रहे।