मोबाइल और कुंडल अभी तक नहीं दिए
मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि खंड विकास अधिकारी ने महिला ग्राम पंचायत सचिव के कुंडल और मोबाइल को जब्त किया है। वह निंदनीय है और महिला का अपमान है। जबकि जिस भुगतान के रुपये वह नकद मांग रहे थे, वह भुगतान मनरेगा से फर्म के खाते में किया जाना है। इसके बाद भी महिला ग्राम पंचायत सचिव का अपमान किया गया। मोबाइल और कुंडल अभी तक नहीं दिए हैं। पीड़ित ग्राम पंचायत सचिव के पति ने कहा कि वह और उनकी पत्नी व संघ के पदाधिकारी खंड विकास अधिकारी को निलंबित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
सीडीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
यदि कार्रवाई नहीं की जाएगी तो उनकी पत्नी कार्य नहीं कर सकेंगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूरी घटना की जांच कराने की बात कही है। मालूम हो रजपुरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी शिव प्रताप सिंह परमेश ने बुधवार को महिला ग्राम पंचायत सचिव से ग्राम पंचायत में लगे शिलापट के सात हजार रुपये देने के लिए कहा था। इसमें ग्राम पंचायत सचिव का आरोप है कि जब रुपये बाद में देने की बात कही तो वह भड़क गए और उन्होंने मोबाइल जब्त करते हुए कुंडल उतरवा लिए।
क्या है मामला
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे साप्ताहिक बैठक ब्लॉक परिसर में शुरू हुई थी। शाम के समय खंड विकास अधिकारी ने महिला सचिव से ग्राम पंचायत में लगे शिलापट के सात हजार रुपये मांगे थे। महिला सचिव का कहना है कि जब रुपये नहीं होने की बात कही तो खंड विकास अधिकारी ने मोबाइल जब्त कर लिया और कुंडल भी उतरवा लिए। इसके बाद वह सभागार से बाहर आ गईं और जिला पंचायतराज अधिकारी को घटना की जानकारी दी।
पीड़ित ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि ग्राम पंचायत में स्वतंत्रता दिवस पर जो शिलापट लगे थे, उसका एस्टीमेट करीब 16 हजार रुपये का था और उसका भुगतान मनरेगा द्वारा कार्यदायी फर्म के खाते में भेजा जाना है। इसके बाद भी खंड विकास अधिकारी ने रुपये नकद मांगे और बाद में रुपये देने की बात कही तो खंड विकास अधिकारी ने मोबाइल जब्त करते हुए कुंडल उतरवा लिए।
मनरेगा से भुगतान तो नकद क्यों मांगे जा रहे
ग्राम पंचायतों में लगे शिलापट का भुगतान का मनरेगा से किया जाना है। एक शिलापट का एस्टीमेट 16 हजार रुपये तय हुआ है। सवाल उठता है कि खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव से नकद भुगतान करने के लिए क्यों कहा। जब कार्य ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है तो भुगतान फर्म के नाम किया जाना चाहिए। कई सवाल हैं जो घपलेबाजी की ओर इशारा कर रहे हैं। अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
बीडीओ के खिलाफ मैदान में उतरे ग्राम प्रधान
ब्लॉक रजपुरा क्षेत्र के ग्राम प्रधान, रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर 15 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। रजपुरा की कार्रवाई की मांग के लिए सीडीओ को ज्ञापन सौंपा है। ग्राम पंचायत सचिवों ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अधिकारी इस मामले को लेकर गंभीर हैं। जिलाधिकारी इस मामले में जांच कराएंगे।
15 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप
रजपुरा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम प्रधान, रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर 15 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। जिलाधिकारी केा संबोधित ज्ञापन ब्लॉक प्रमुख को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इसमें आरोप लगाया है कि मनरेगा के कार्यों में 15 से 16 प्रतिशत कमीशन ली जाती है। कमीशन नहीं मिलने पर नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिलती।
ग्राम पंचायत सचिव को न्याय मिले
आरोप है कि अभद्रता की जाती है। कहा है कि ग्राम पंचायत सचिव के साथ बदसलूकी गई है। यह महिला का अपमान है और इसमें सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जिससे महिला ग्राम पंचायत सचिव को न्याय मिल सके। इस दौरान ग्राम प्रधान आराम सिंह, मिथलेश, हरिराज सिंह, वीरवती, गुड़िया देवी, लता यादव, महेंद्र पाल, मीरादेवी समेत कई ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों ने शिकायती पत्र दिया है।