हालांकि, पहली अपील की कार्यवाही के दौरान एएसआई ने 2018 की एक घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारक के संरक्षित क्षेत्र में किसी नए निर्माण करने की इजाजत नहीं है।
साथ ही बताया कि उस साल जामा मस्जिद साइट पर एक गैर-कानूनी स्टील रेलिंग लगाई जा रही थी और विभाग ने इस काम को रोकने के आदेश जारी किए थे। आवेदक ने मस्जिद के निर्माण के समय के बारे में भी पूछा था।
इस पर एएसआई ने जवाब दिया कि उसके रिकॉर्ड के अनुसार, जामा मस्जिद संभल का निर्माण वर्ष 1526 में हुआ था और इसके लिए उसने सहायक सामग्री का हवाला दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या इस ढांचे को पहले किसी और नाम से जाना जाता था।
एएसआई ने कहा कि मस्जिद को एएसआई ने उसी नाम से सुरक्षित रखा है। ढांचे के अभी के प्रकृति पर एक सवाल के जवाब में, एएसआई ने कहा कि अभी, यह एक मस्जिद के तौर पर है। साथ ही कहा कि जामा मस्जिद को 1920 में एएसआई के संरक्षण में लिया गया था।