जिलाधिकारी और एसपी को भेजे पत्र में पीड़ित की पत्नी ने कहा है कि बनियाठेर में तैनात दरोगा व तीन सिपाही पति को पकड़कर ले गए थे। उन्हें चोरी के एक मामले में अपना जुर्म कबूल करने को कहा। मना करने पर उन्हें जमकर पीटा गया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई।
संभल के गांव गुमथल निवासी सपना देवी ने डीएम व एसपी को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि थाना बनियाठेर में तैनात दरोगा व तीन सिपाही उसके पति गिरिराज को 18 नवंबर को पकड़कर थाने ले गए। जब वह थाने पहुंची तो बताया कि उसके पति को चोरी के शक में उठाया है। वहां पुलिस ने उसके साथ खूब मारपीट की।
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गांव में बैटरी की दुकान में हुई चोरी की घटना को जबरन कबूल कराने लगे। पुलिस ने पिटाई करके जबरन गांव के ही चार अन्य लोगों के नाम बताने को कहा। उसके पति ने पिटाई से बेबस होकर चोरी की बात स्वीकार कर ली और पुलिस के द्वारा चार लोगों के नाम बताने भी स्वीकार कर लिए।इसके बाद पुलिस ने चारों ग्रामीणों भी उठा लिया और थाने में लगातार उनके साथ पिटाई की।
पुलिस चोरी का खुलासा कराने और उन्हें जेल भेजने के लिए घर वालों से 40 हजार रुपये की डिमांड की। यह पैसे ग्राम प्रधान के माध्यम से पुलिस को गए। इसके बाद पकड़े गए ग्रामीण गंगाराम ने चोरी बात स्वीकार करने से मना कर दिया। रात में उसकी पिटाई की गई। जिससे गंगाराम की तबीयत बिगड़ गई।
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पुलिस से चंदौसी के निजी अस्पताल में लेकर पहुंची। वहां उसकी हालत नाजुक बताई। इसके बाद पुलिस ने गंगाराम को छोड़ दिया। उसके पति गिरिराज व अन्य को पांच दिन थाने में प्रताड़ना देने के बाद शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। उन्होंने डीएम व एसपी को दिए शिकायती पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच कराने व दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार किया
असमोली थाना पुलिस ने ग्राम पंचायत मवई डोल के ग्राम प्रधान अरकान को शुक्रवार की दोपहर असमोली संभल मार्ग से गिरफ्तार किया है। आरोपी को गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था। इसके बाद भी आरोपी क्षेत्र में घूम रहा था। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।