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जिंदा जला किसान: बीड़ी की चिंगारी से झोपड़ी में आग, बेबस परिजन बुजुर्ग की चीखें सुनते रह गए, कुछ भी न कर सके

Thu, 16 Jan 2025 05:51 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जुनावई

सार

जुनावई में बीड़ी की चिंगारी से झोपड़ी में आग लगने से वृद्ध किसान जिंदा जल गया। परिजन चीखें सुनते रहे लेकिन बचा नहीं सके। पुलिस और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच हुआ है। 

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झोपड़ी में आग लगने से बुजुर्ग की जान गई - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जुनावई थाना क्षेत्र के गांव हकीमपुर में बृहस्पतिवार तड़के दर्दनाक हादसे में किसान बुद्धि सिंह (60) की आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। झोपड़ी में सो रहे किसान की चीखों ने पूरे गांव को झकझोर दिया। इस हादसे में एक बैल भी बुरी तरह झुलस गया। परिजन और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से आग बुझाई लेकिन तब तक झोपड़ी राख हो चुकी थी। नायब तहसीलदार बबलू कुमार और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बीमारी के कारण चारपाई से नहीं उठ सके किसान

ग्रामीणों के अनुसार, किसान बुद्धि सिंह लंबे समय से बीमार थे और चारपाई से उठने में असमर्थ थे। उनकी पत्नी रामबेटी भी झोपड़ी में ही सो रही थीं। तड़के करीब साढ़े तीन बजे बीड़ी की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटों से घिरी झोपड़ी में सो रही रामबेटी जाग गईं और पति को बचाने का प्रयास किया। मगर, आग की तपिश से बेहोश हो गईं।

बेटे ने किया बचाने का प्रयास, लेकिन बचा नहीं सके पिता

किसान की चीखपुकार सुनकर बेटा पूरन सिंह और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। पूरन ने पिता को बचाने के साथ-साथ झुलसे बैल को भी बाहर निकाला। आग इतनी भयानक थी कि वह बुद्धि सिंह को बचाने में नाकाम रहा। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाया।

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झोपड़ी और सामान जलकर राख

आग से झोपड़ी पूरी तरह से जलकर राख हो गई। बुद्धि सिंह की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। उनकी पत्नी और बेटे पूरन सिंह के लिए यह हादसा जीवनभर की पीड़ा बन गया है।

सरकारी मदद की मांग

ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। नायब तहसीलदार बबलू कुमार ने मौके पर जांच कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

पुलिस जांच में सामने आई बीड़ी की वजह

बेटे पूरन सिंह ने बताया कि उनके पिता बीड़ी पीते थे। संभवतः बीड़ी की चिंगारी से ही झोपड़ी में आग लगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।

गांव में छाया मातम

इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। ग्रामीण और सगे-संबंधी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। मृतक बुद्धि सिंह अपने पीछे पत्नी रामबेटी और बेटे पूरन सिंह को छोड़ गए हैं।

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