सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव विक्रमपुर ताहरपुर में मंगलवार को नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन हवन में आहुति देकर गो रक्षा का संकल्प लिया गया।
श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए कथाव्यास रामा किशोरी ने बताया कि प्रह्लाद और ध्रुव ने प्रभु पर अटूट विश्वास करते हुए भक्ति का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। दोनों ही कठोरतम दंडों और यातनाओं से भी नहीं डरे और ईश्वर की आराधना करते रहे। ठीक उसी प्रकार हमें भी जीवन के संकटों से नहीं डरना चाहिए। भगवान पर विश्वास करके उनकी आराधना में लीन होना चाहिए। भगवान भक्तों की सच्ची पुकार सुनकर निश्चित ही उन पर कृपा बरसाते हैं। वर्तमान में बच्चों में अच्छे संस्कार के लिए उन्हें भक्त ध्रुव व प्रह्लाद की कथा सुनानी चाहिए। इससे उनमें अच्छे भाव और संस्कार जन्म लेते हैं। भरत का अर्थ जीवन में त्याग है। अपने हक का त्याग करना रामायण और दूसरे का हक छीनना महाभारत है।
इस दौरान पूर्व प्रधान वीरभान सिंह यादव, धर्मवीर सिंह यादव, लखपत सिंह, संजीव कुमार, उमेश यादव, राजेश कुमार, पप्पू सिंह, सतीश यादव, सुरेश यादव, देवेंद्र सिंह, संजू यादव, धर्मेंद्र कुमार, रविंद्र यादव, देव पाल आदि मौजूद रहे।