फर्जी फर्म और फर्जी बिल के जरिये ईंटों की सप्लाई मामले में भाजपा नेता के भाई की संलिप्तता सामने आई है। वह गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बरामद कर दानिश और जीशान को गिरफ्तार किया है।
कई वर्ष से फर्जी बिल और फर्जी फर्म के माध्यम से ईंटों की सप्लाई उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में जा रही थी। अब मामला पकड़ में आया है तो पूरे गिरोह का खुलासा हुआ है। इसमें भाजपा नेता राजेश सिंघल के भाई कपिल सिंघल की भी भूमिका मिली है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि कपिल सिंघल इस गिरोह का सरगना है।
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उसका साथी विकास शर्मा इसमें फर्जी बिल बनवाता था। कपिल सिंघल के माध्यम से ही रुपये का लेनदेन होता था। इसके लिए वह 15 प्रतिशत कमीशन भी लेता था। इसके अलावा बाकी सदस्याें की अवैध कमाई में अलग-अलग कमीशन तय थी। जो आपस में बांटी जाती थी। पुलिस ने फर्जी फर्म और फर्जी बिल के दस्तावेज बरामद किए हैं।
दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश में पुलिस की टीम लगी हैं। एसपी ने संभल स्थित एएसपी (उत्तरी) कार्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बेगम सराय निवासी दानिश और जिशान शामिल हैं। इन आरोपियों के कब्जे से फर्जी तरीके से तैयार किए गए बिल और रुपयों के लेनदेन का विवरण मिला है।
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इस विवरण की जांच पड़ताल करने पर पता चला कि कपिल सिंघल के प्रतिष्ठान श्रीराम राधेश्याम, शिवकिशन सेवा केंद्र और एटूजेड किसान फ्यूल प्वाइंट के खाते में लेनदेन किया गया है। एसपी ने बताया कि कपिल सिंघल को 15 प्रतिशत कमीशन मिलती थी। इसके अलावा आसिफ, छोटे उर्फ अजीम, उमर और जीशान के लिए अलग-अलग कमीशन मिलता था।
यह कमीशन फर्जी बिल से उतराखंड ईंट लेकर जाने वाली प्रत्येक गाड़ी पर तय था। कई वर्षों से यह काम किया जा रहा था। अब मामला पकड़ा गया है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया है।