पराली जलाने पर किसानों पर कार्रवाई हुई तो तहसील दफ्तरों में पराली और पत्ती भर देंगे। पराली जलाने के मामले सैटेलाइट से पकड़े जाते हैं, लेकिन किसानों के लिए समस्या बने छुट्टा पशुओं की निगरानी सैटेलाइट से नहीं की जा रही है। यह बातें सोमवार को बहजोई स्थित बड़े मैदान में आयोजित किसानों की महापंचायत में भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कही।
महापंचायत में डीएचओ सुघर सिंह की काफी आलोचना की गई। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार डीएचओ का तबादला करे नहीं तो उनके दफ्तर में आलू भरकर ताला लगा देंगे। कहा कि वह किसानों के लिए तैनात किए गए हैं लेकिन सुनते सिर्फ कोल्ड स्टोरेज मालिकों की हैं। उनकी कार्यशैली से किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके बाद भी जिले के आला अधिकारी शासन को इसकी जानकारी नहीं देते।
महापंचायत समाप्त होने के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर दीपक कुमार को सौंपा गया। इसमें किसानों की समस्याओं से अवगत कराया है। साथ ही गन्ना मूल्य घोषित करने और उसको बढ़ाकर घोषित करने की मांग की है। छुट्टा पशुओं से छुटकारा दिलाने की मांग की है। पराली और पत्ती जलाने पर होने वाली कार्रवाई को रोकने के लिए कहा है। इसके अलावा अन्य कई मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है।
महापंचायत में करीब तीन हजार से अधिक किसान करीब 250 ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाइक और कारों से पहुंचे। इसमें रामपुर के जिलाध्यक्ष जरीफ अहमद, बदायूं के केपीएस राठौर, हापुड़ से देवेंद्र सिंह, गाजियाबाद से दिग्विजय यादव, बुलंदशहर से कपिल सिरोही, अमरोहा से चौधरी महावीर सिंह अन्य कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे। संभल जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने बताया कि आसपास के जिलों से पदाधिकारी व कार्यकर्ता महापंचायत में शामिल हुए।
महापंचायत के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतेजाम रहे। बहजोई थाने के अलावा आसपास के थानों की पुलिस को तैनात किया गया था। यातायात पुलिस ने यातायात व्यवस्था को संभाला। जो किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे थे। उनको बड़े मैदान में ही पार्क कराया। जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़े नहीं। दमकल और एंबुलेंस को भी महापंचायत स्थल पर तैनात किया गया।
राजस्थान से आए किसान नेता रणजीत सिंह राजू ने कहा कि लखीमपुर कांड के दोषी संसद में बैठे हैं। उन्हें बाहर कैसे निकालना है। यह बात करने आया हूं। किसान व मजदूर को मजबूत सरकार चाहिए। दिल्ली से टिकट लेकर आए लोगों को वोट न दें। देशभर का किसान परेशान है। किसानों को मेहनत का दम भी नहीं मिलता। फसलों के दामों के लिए किसानों को लड़ना होगा।
दिल्ली से आए प्रबल प्रताप शाही ने कहा कि सरकार अडानी और अंबानी के लिए किसानों से जमीनें छीनने के लिए तैयार हैं। जो काम पहले किया वही अब करना है। मजबूती से लगे रहिए। कहा कि भारतीय संविधान बचाने के अब 90 दिन बचे हैं। सरकार ने अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। जो सरकार एमएसपी की गारंटी नहीं देगी वो दोबारा नहीं आएगी।
दिल्ली से आए हरीश हूण ने कहा कि पूरा देश भुखमरी की कगार पर खड़ा है। यह सरकार उद्योगपतियों को ही बढ़ावा देने को बनी है। किसानों का उनका हक दिलाना है तो साथ आना होगा। पूरी मजबूती के साथ आना होगा। यह महापंचायत किसानों को जोड़ने और आगे के आंदोलन की तैयारी के लिए है। यह देश किसानों से चलता है, लेकिन सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है।
हरियाणा से आए प्रदीप हुड्डा ने कहा कि सरकार किसानों को भूलकर अपने उद्योगपति साथियों के भले में लगी हुई है। कोरोना जैसी भयावह बीमारी के दौर में भी लोगों को रोटी किसानों ने ही दी थी, अडानी और अंबानी ने नहीं दी। संभल में गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। यह गंगा एक्सप्रेस वे किसानों की जमीनों को अलग-अलग करने के लिए बन रहा है।
मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, चौधरी संजीव गांधी, वीरेश यादव, आशिक रजा, जयवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, मोहम्मद सुलेमान, वारिस, दिलशाद, अनीस अहमद, चौधरी ऋषभ सिंह, सतीश यादव, जाकिर हुसैन, महाराज सिंह, नवाब सिंह, रामकिशोर, अमरनाथ आदि समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।