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संभल पर यूपी एटीएस की नजर: अलीगढ़ आतंकी मॉड्यूल के तार जिले से जुड़े, कई युवकों के निकले संबंध..तेजी से जांच

Thu, 09 Nov 2023 11:26 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

अलीगढ़ में पकड़े गए आईएस आतंकियों के तार संभल जिले से जुड़ रहे हैं। इस मामले में यूपी एटीएस ने चार युवकों को पकड़ा है। उसने फिलहाल पूछताछ की जा ही है। पकड़े गए युवकों के परिजन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। 
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यूपी एटीएस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकी संगठन आईएस मॉड्यूल के तार संभल से जुड़ रहे हैं। रविवार को एटीएस चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी नावेद समेत चार लोगों को उठाकर ले गई है। एटीएस की रडार पर अभी जिले के कई ओर युवक हैं। जिससे इन युवकों के संपर्क में रहने वालों की बैचेनी बढ़ गई है।  एटीएस चंदौसी निवासी नावेद और संभल के तीन युवकों के संपर्क में रहने वाले और करीबियों की निगरानी कर रही है।

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दूसरी ओर स्थानीय खुफियां इकाइयां भी सक्रिय हो गई हैं। संभवता कार्रवाई आगे भी हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी तो नहीं दी गई है लेकिन एहतियाती तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संभल जिले में आईएस मॉड्यूल से जुड़े अन्य युवक भी हो सकते हैं। इसका खुलासा हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ में हो सकता है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाईयां भी सक्रिय हो गई हैं।

सभी बचते नजर आए, कोई नहीं दे रहा जानकारी

संभल के जो युवक एटीएस की हिरासत में हैं, उनकी जानकारी देने के लिए कोई तैयार नहीं हैं। परिवार के लोग भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं मोहल्ले वाले बचते नजर आए। कोई भी जानकारी देने के लिए तैयार नहीं हैं। अब वे लोग भी चिंतित हैं, जो एटीएस की हिरासत में लिए गए युवकों के संपर्क में थे।

हमें एटीएस की कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं थी। हमें बाद में पता चला है कि जिले से युवक हिरासत में लिए गए हैं। हमने इस जानकारी के बाद एहतियाती तौर पर सतर्कता बढ़ा दी है। -कुलदीप सिंह गुनावत, पुलिस अधीक्षक

आतंकियों के संपर्क में रहे नावेद के परिजनों ने साधी चुप्पी

आतंकियों के संपर्क में रहे चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी नावेद सिद्दीकी को चार दिन पहले एटीएस उठाकर ले गई। मामले में परिजनों ने चुप्पी साध ली है। बुधवार को नावेद का छोटा भाई हिशाम ने सिर्फ इतना कहा कि एटीएस जांच कर रही है और घर का दरवाजा बंद कर लिया। पड़ोसी महिला ने बताया कि नावेद हमेशा बाहर ही रहता था, घर कभी-कभार ही आता था। क्या करता था, उन्हें जानकारी ही नहीं है।

अलीगढ़ से दो संदिग्ध आतंकी पकड़े जाने के बाद एटीएस की रडार पर एएमयू के कई छात्र रडार पर आए हैं। एटीएस संभल, रामपुर समेत कई जिलों में छापे मार रही है। रविवार को एटीएस आतंकियों के संपर्क में रहे चंदौसी के मोहल्ला जाट कॉलोनी निवासी मोहम्मद नावेद सिद्दीकी पुत्र स्वर्गीय अख्तर मसूद सिद्दीकी और संभल के तीन युवकों को उठाकर ले गई।


मामला प्रकाश में आने के बाद नावेद के परिजनों ने चुप्पी साध ली है। परिजन किसी से बात करने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को नावेद के घर उसकी मां नाहिद जमाल और भाई हिशाम थे। नावेद के भाई ने सिर्फ इतना ही कहा कि अभी कोई मुकदमा नहीं हुआ है। एटीएस जांच कर रही है और दरवाजा बंद कर लिया। दोबारा कुछ लोग पहुंचे तो मां ने दरवाजा खोला और मीडिया को घर के बाहर देख तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। दिन भर परिवार के लोग घर के अंदर रहे। वहीं परिजनों के मुताबिक नावेद को एटीएस कब उठाकर ले गई, इसकी जानकारी नहीं है। पड़ोसियों के बताने पर ही इस बात का पता चला है।

हमने काफी समय से नहीं देखा नावेद को

पड़ोस की रहने वाली एक महिला ने बताया कि उन्होंने मोहम्मद नावेद को बहुत समय से नहीं देखा है। वह कहां रहता था और क्या काम करता था। हमें इसकी जानकारी नहीं है। एक साल पहले ही उसके पिता का निधन हुआ है। मां उसकी बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका है।

आसपास अथवा शहर के लोगों के संपर्क में नहीं था नावेद

मोहम्मद नावेद सिद्दीकी अपने पड़ोसी अथवा शहर के लोगों के संपर्क में नहीं था। इस कारण पास पडोस के लोग उसके विषय में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। परिवार में उसकी मां, छोटा भाई है, जो चंडीगढ़ से बीटैक कर रहा है और द्वितीय वर्ष का छात्र है। चंदौसी में कम रहता था, कभी आता भी था, तो किसी से मुलाकात नहीं करता था। इस कारण पड़ोसी भी उसके विषय में नहीं जानते हैं।
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2019 से अलीगढ़ में रहता था नावेद

नावेद ने दसवी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष अलीगढ़ के हॉस्टल में रहक 12वीं की पढ़ाई की थी। कोरोना के दौरान कुछ समय के लिए वापस आ गया था, फिर अलीगढ़ जाकर एएमयू में बीएससी में प्रवेश लिया था। वहीं से बीएससी उत्तीर्ण की है। करीब एक माह पहले नावेद रामपुर गया था। वहां से उत्तराखंड के गदरपुर पहुंचकर अपने फुफेरे भाई के साथ मछली पालन का काम कर रहा था और वही रह रहा था।

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