चंदौसी। सहालग और विधानसभा चुनाव ने गेंदे के फूल के कारोबार को संजीवनी का काम किया है। कोरोना काल में खत्म होने की कगार पर कारोबार पहुंच गया था। अब गेंदे के फूलों की मांग दोगुुनी हो गई है। 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गेंदा अब 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। फूल कारोबारी दिल्ली, मुरादाबाद व देहात क्षेत्रों से खरीदकर मांग पूरी करने में लगे हैं। वर्तमान समय में फूल कारोबारियों के चेहरे पर खुशी की झलक देखी जा सकती है।
कोरोना ने फूलों के कारोबार पर काफी प्रभाव डाला। जिससे कुछ कारोबारियों ने फूलों का काम करना बंद कर दिया। मगर पिछले दो माह से चुनाव और सहालग की वजह से गेंदे के फूल के कारोबार ने फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी। चुनाव में फूल व मालाओं का खूब इस्तेमाल हो रहा है। मांग भी दोगुनी बढ़ गई है। चार से पांच माह पहले जो गेंदा फूल 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। मांग बढ़ने से अब गेंदा फूल 70 से 80 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है।
पहले कारोबारी मुरादाबाद व देहात क्षेत्र से फूलों को मंगाकर लोगों की मांग पूरी करते थे। मगर मांग अधिक होने से दिल्ली से गेंदे का फूल मंगाया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण ने फूलों के कारोबार को काफी प्रभावित किया है। कुछ लोगों ने फूल का व्यापार छोड़ अन्य व्यापार शुरू कर दिए। मगर इस बार सहालग व विधानसभा चुनाव में एक बार फिर फूलों के कारोबार ने रफ्तार पकड़ी है।
जितेंद्र सक्सेना, फूल कारोबारी, चंदौसी
चार माह पहले जो गेंदा फूल 50 रुपये मिल रहा था, अब मांग होने पर वह 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। अधिक मांग होने पर दिल्ली से फूल मंगाने पड़ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में फूलों की बिक्री बढ़ी है।
सुशील कुमार, फूल कारोबारी, चंदौसी