संभल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपचार के दौरान लापरवाही मानते हुए आरोपी चिकित्सक पर चार लाख 50 हजार 517 रुपये का जुर्माना लगाया है। धनराशि दो माह में नौ प्रतिशत ब्याज दर से भुगतान करने के आदेश दिए है।
अधिवक्ता देवेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि गांव निवासी राजाराम सिंह बाए पैर के घुटने की समस्या थी। आठ जुलाई 2016 को उसने सृष्टि नर्सिंग होम चन्दौसी के हड्डी के डॉ. राजीव गुप्ता को दिखाया। तो उन्होंने खाने के लिए दवाएं दी। पर आराम न मिलने पर चिकित्सक ने अपने ही मेडिकल से दो दवाएं मंगाकर और उन दवाओं को मिलाकर दी थी, दो इंजेक्शन भी लगाए थे। इसके बाद भी मरीज राजाराम के घुटने में आराम नहीं हुआ, दर्द और बढ़ गया। पैर और शरीर के अन्य भागों मे सूजन बढ़ने लगी। मरीज फिर से डाक्टर के पास गया। डाक्टर ने बताया कि इंजेक्शन के कारण उसके शरीर मे इंफेक्शन हो गया है। उसे मुरादाबाद में भर्ती कराने को कहा। 21 जुलाई 2016 को राजाराम को परिजनों ने मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने बताया कि चंदौसी में लगाए गए इंजेक्शन के कारण मरीज गुर्दे, फेफड़े, आंत, दिल सहित पूरे शरीर में इंफेक्शन फैल गया है और घुटने के ऑपरेशन के बाद ही समाधान हो सकता है। वहां घुटने का ऑपरेशन किया गया। मरीज के उपचार में छह लाख रुपये का आया। इस मामले में मरीज राजाराम ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग संभल मे वाद दर्ज कराया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष राम अचल यादव व सदस्य आशुतोष ने सुनवाई के दौरान चिकित्सक की लापरवाही मानी। उन्होंने सृष्टि नर्सिंग होम चंदौसी के डॉ. राजीव गुप्ता पर तीन लाख 44 हजार 515 रुपये का व्यय धनराशि, एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति का अर्थदंड लगाया है। आदेश में कहा कि चिकित्सक अर्थदंड की राशि का भुगतान पीड़ित राजाराम को दो माह के अंदर ब्याज सहित करें।