गुन्नौर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह बैंक से लौट रहे एक ग्रामीण को नरौरा डिपो की रोडवेज बस ने कुचल दिया। इसमे ग्रामीण की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने रोडजाम कर दिया।
आक्रोशित लोग जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। हालांकि सीओ व नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा बुझाकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव अहरोला नवाजी निवासी किसान मनोहर उर्फ भूरे (42) अपने पिता प्रेमपाल के साथ मंगलवार को गन्ने के खाते से रुपये निकालने के लिए जुनावई कस्बे में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक आया। जहां पैसे नहीं मिलने पर दोनों पिता पुत्र लौट रहे थे।
जुनावई के मेन चौराहे पर रोड किनारे लगी केले की ठेली के पास खड़े होकर बस का इंतजार करने लगे। इसी बीच गुन्नौर की ओर तेज गति से आ रही नरौरा डिपो की रोडवेज बस ने मनोहर उर्फ भूरे को कुचल दिया। उसके सिर के ऊपर से बस पहिया उतर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पिता की आंखों के सामने ही उसके बेटे ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। बेटे को तड़पता देख प्रेमपाल भी बेहोश होकर गिर गया। जुनावई चौकी पुलिस के कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह ने बस का पीछा कर मणिकावली के पास जाकर बस चालक को पकड़ लिया है।
मौके पर पहुंचे मृतक के परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर मेरठ-बदायूं हाईवे पर जाम लगा दिया। जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारे लग गईं। गुन्नौर के कोतवाल राजपाल सिंह ने जाम लगाने वालों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने।
बाद में सीओ उमेश यादव व नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे। समझा बुझाकर सभी को शांत किया। दो घंटे के बाद जाम खुलवाया। मृतक के पुत्र नानक राम की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मृतक की पत्नी शीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं उसने बताया सबसे बड़ी बेटी सुमन, दूसरा पूरन, तीसरा बेटा नानक राम तो चौथा बेटा प्रमोद तथा पांचवी पुत्री किताबश्री है।