तालाब की भूमि का कायाकल्प कर मछुआरों को सौंपा जाएगा
तहसीलदार ने बताया कि दरगाह से सटी करीब 100 बीघा से अधिक तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त करा कर कायाकल्प कराया जाएगा। जिससे भूमि का मूल स्वरूप बना रहे। तालाब के पट्टे काट कर मछुआरों को सौंपे जाएंगे। इससे मछुआरों को रोजगार भी मिलेगा और भूमि की स्थिति भी यथावत बनी रहेगी।
दरगाह की ओर से मौजूद वकील से मांगा वक्फ शुल्क का ब्योरा
जनेटा दरगाह की ओर से मौजूद अधिवक्ता से प्रशासनिक अधिकारियों ने दरगाह के खर्च व जमा का लेखा जोखा मांगा। इस पर अधिवक्ता ने बताया कि छह साल में 35 हजार रुपये के करीब शुल्क वक्फ बोर्ड को जमा कर दिया गया है। इस पर एसडीएम ने सवाल करते हुए हिसाब की बुकलेट मांगी तो अधिवक्ता बगलें झांकने लगे। इस पर एसडीएम ने शीघ्र ही ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा। ये भी बताया कि इस मामले में रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। जिससे जल्द से जल्द ब्योरा भेजें।
दरगाह की भूमि को लेकर तीन बिंदुओं पर जांच की गई है। जिसमें एक सरकारी जमीन पर दरगाह है या नहीं। दूसरा उस संपत्ति का दुरुपयोग हुआ है या नहीं। तीसरा जो स्वयं को मुतवल्ली बता रहे हैं वह मुतवल्ली हैं या नहीं। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। - धीरेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार चंदौसी।