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संभल दरगाह विवाद: राजस्व विभाग की टीम ने 40 बीघा भूमि कब्जा मुक्त कराई, जांच में मिली गड़बड़ी, अब देंगे नोटिस

Wed, 16 Apr 2025 01:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंदाैसी

सार

चंदौसी तहसील के जनेटा गांव में दरगाह से सटी लगभग 100 बीघा सरकारी भूमि की पैमाइश कराई गई। प्रशासन ने 40 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कर निशान लगाए। अब किसानों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दरगाह के मुतवल्ली पर अवैध कब्जे और उगाही का आरोप है। 
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जनेटा की दरगाह। - फोटो : जनेटा की दरगाह।
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विस्तार
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तहसील चंदौसी क्षेत्र के गांव जनेटा में दरगाह की भूमि सरकारी होने की शिकायत के बाद मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की। तहसील के अधिकारियों की मौजूदगी में दरगाह से सटी 40 बीघा भूमि को प्रशासन ने पैमाइश कर कब्जा मुक्त कराया। तालाब की 100 बीघा से अधिक भूमि होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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इस भूमि पर किसानों ने फसल बो कर कब्जा कर रखा है। प्रशासन ने जेसीबी चला कर निशान लगाए हैं। साथ ही किसानों को नोटिस जारी किए जाएंगे। एसडीएम निधि पटेल के मुताबिक डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि गांव जनेटा के जावेद मोहम्मद ने डीएम को शिकायतीपत्र दिया था।

जिसमें बताया कि गांव जनेटा में आस्ताना आलिया कादरिया नौशहिया दरगाह है। दरगाह के आसपास काफी भूमि को सरकारी बताया गया था। जिस पर दरगाह के मुतवल्ली शाहिद मियां पर दरगाह की भूमि पर अवैध कब्जा करने और फर्जी मुतवल्ली बनकर मेले के माध्यम से अवैध उगाही करने का आरोप लगाया था।
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मंगलवार को एसडीएम निधि पटेल और तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के साथ चार कानूनगो समेत 15 सदस्यों की राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दरगाह गाटा संख्या 33, 34 व 35 तथा तालाब गाटा संख्या 22 व 23 में है। दरगाह से सटे तालाब की भूमि जहां नेजा मेला लगाया जाता है। उस भूमि की पैमाइश कराई।

पैमाइश में तालाब की लगभग 100 बीघा से अधिक भूमि पाई गई। इस भूमि पर किसानों का कब्जा पाया गया। जिसमें फसल खड़ी थीं। इस पर प्रशासन ने जेसीबी बुला कर इस भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए निशान लगवाए। करीब 40 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया गया।

साथ ही संबंधित किसानों को नोटिस तामील करा कर कार्रवाई की बात कही गई। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दरगाह से आसपास करीब 100 बीघा से अधिक भूमि तालाब में दर्ज है। वक्फ की संपत्ति नहीं है। इस मामले में डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। साथ ही भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।

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तालाब की भूमि का कायाकल्प कर मछुआरों को सौंपा जाएगा
तहसीलदार ने बताया कि दरगाह से सटी करीब 100 बीघा से अधिक तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त करा कर कायाकल्प कराया जाएगा। जिससे भूमि का मूल स्वरूप बना रहे। तालाब के पट्टे काट कर मछुआरों को सौंपे जाएंगे। इससे मछुआरों को रोजगार भी मिलेगा और भूमि की स्थिति भी यथावत बनी रहेगी।

दरगाह की ओर से मौजूद वकील से मांगा वक्फ शुल्क का ब्योरा
जनेटा दरगाह की ओर से मौजूद अधिवक्ता से प्रशासनिक अधिकारियों ने दरगाह के खर्च व जमा का लेखा जोखा मांगा। इस पर अधिवक्ता ने बताया कि छह साल में 35 हजार रुपये के करीब शुल्क वक्फ बोर्ड को जमा कर दिया गया है। इस पर एसडीएम ने सवाल करते हुए हिसाब की बुकलेट मांगी तो अधिवक्ता बगलें झांकने लगे। इस पर एसडीएम ने शीघ्र ही ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा। ये भी बताया कि इस मामले में रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। जिससे जल्द से जल्द ब्योरा भेजें।
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दरगाह की भूमि को लेकर तीन बिंदुओं पर जांच की गई है। जिसमें एक सरकारी जमीन पर दरगाह है या नहीं। दूसरा उस संपत्ति का दुरुपयोग हुआ है या नहीं। तीसरा जो स्वयं को मुतवल्ली बता रहे हैं वह मुतवल्ली हैं या नहीं। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। - धीरेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार चंदौसी।
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