गणेश बाबा के मुख्य रथ की पूजा में शामिल होने तथा झांकियों को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु चंदौसी पहुंचे। तीन किलोमीटर लंबी रथयात्रा में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं का जनसैलाब पूरे रास्ते उमड़ा। राजनीतिक हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मेला मंच की शोभा बढ़ाई। मुख्य रथ के दर्शनों के लिए रात भर सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।
श्री गणेश चतुर्थी के मौके पर श्री गणेश मंदिर सीता रोड पर सुबह चार बजे से पूजा अर्चना शुरू हो गई। मेला संस्थापक डा. गिरिराज किशोर और उनके परिजनों ने पूजा में हिस्सा लिया। मुख्य पूजा पंडित भूदेव शंखधार और मंदिर के पुजारी अनिल शर्मा ने कराई।
मेला परिषद की ओर से 1001 गणेश मूर्तियों का वितरण किया गया। शहरवासियों ने इन मूर्तियों की अपने घरों में स्थापना की। शाम चार बजे से गणेश मंदिर के बाहर मुख्य आयोजन प्रारंभ हुआ। निर्धारित समय से करीब पौने दो घंटे विलंब से पहुंचे पौने छह बजे पहुंचे सांसद धर्मेंद्र यादव ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रदीप यादव, विधायक लक्ष्मी गौतम, डा.गिरिराज किशोर आदि के साथ फीता काटकर शुभारंभ किया।
इसके बाद झांकियों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। सड़कों पर नाचते गाते लाखों भक्त रथयात्रा के साथ आगे बढ़ रहे थे। गणेश रथयात्रा में शामिल श्रद्घालुओं का जोश और उत्साह देखते ही बना। मुख्य रथ के साथ कुल 15 स्वचलित झांकियां रथयात्रा में शामिल हुईं।
रथयात्रा के बीच में ढोल ताशे, बैंडबाजे और करतब मंडलियां चल रहीं थीं। रात्रि नौ बजे श्री गणेश महाप्रभु का मुख्य रथ निकाला गया। डा. गिरिराज किशोर, एएसपी कमलेश दीक्षित, उनकी पत्नी मोहिता दीक्षित, उप जिलाधिकारी संजय कुमार और पुलिस उपाधीक्षक अभिषेक यादव व उनकी पत्नी प्रियंका यादव ने मुख्य रथ की आरती की।
तहसीलदार नवनीत गोयल, रथयात्रा में मनोज कुमार मीनू, रविंद्र कुमार रूपी, शशिकांत गुप्ता, प्रजीत कुमार लालू, सतेंद्र मामा, पीके अग्रवाल, हरिगोपाल, मोहित गुप्ता, ललित किशोर गुप्ता, हरिगोपाल, विनय सर्राफ, पूसी बाबा, सुधीर कुमार, लोकेंद्र शर्मा, भुवनेश वार्ष्णेय, हरवीर यादव, लवी शर्मा, हेमंत कुमार सिंह, फूल प्रकाश वार्ष्णेय, इश्तियाक बेग, हाजी निजामुद्दीन, परमेश्वर लाल सैनी, राजेश शंकर राजू, डा. आरपी गुप्ता, जयशंकर दुबे, गणेश इशू प्रखर, इमरान खान, फईमुद्दीन सहित अनेक लोगों का सहयोग रहा। संचालन लाल मोहम्मद शास्त्री और अरविंद कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। मेला परिषद के सचिव केशव देव वार्ष्णेय ने रथयात्रा का नेतृत्व किया।