बदायूं के नशीले पदार्थों के तस्कर पंजाब-हरियाणा में जहर घोल रहे हैं। बदायूं जिले से संभल के रास्ते डोडा की तस्करी पंजाब और हरियाणा तक की जा रही है। संभल और बदायूं जिले में ऐसे मामले पहले भी पकड़े जा चुके हैं, जिनसे नशे के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
अब बदायूं के एक गोदाम से 128 बोरा डोडा चूर्ण पकड़े जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है। फिलहाल मामले की तह में जाने के लिए संभल पुलिस नेटवर्क में शामिल तीन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
बनियाठेर पुलिस के खुलासे ने संभल और बदायूं दोनों जनपदों के पुलिस अधिकारियों को चौंका दिया है। नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अगर फालोअप कार्रवाई कायदे से हो गई तो कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
यह बात संभल जिले के अपर पुलिस अधीक्षक भी मानते हैं। उन्होंने बदायूं के पुलिस अधिकारियों को डोडा के साथ पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी साझा की है, ताकि छानबीन आगे बढ़ सके। अब तक की छानबीन में यह बात साबित हो चुकी है कि नशे का कारोबार पंजाब और हरियाणा तक किया जा रहा है।
पंजाब और हरियाणा में नशे का नेटवर्क संचालित कर रहे लोगों के लोकल कनेक्शन खुल चुके हैं। नशे के नेटवर्क में शामिल लोगों के संबंध में बनियाठेर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है लेकिन अभी तक पूरा नेटवर्क टूटा नहीं है।
इस संबंध में संभल जिले की बनियाठेर पुलिस की बरामदगी अहम है। बनियाठेर पुलिस ने सोमवार को 80 लाख रुपये के डोडा के साथ आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें चार लोग पंजाब के और चार बदायूं जिले के हैं।
यह लोग बदायूं से डोडाचूर्ण की खरीद कर 1500 रुपये प्रति किलोग्राम में उसकी सप्लाई करते थे। पंजाब में इसे कई गुना दाम पर बेचते थे। नियमानुसार अफीम निकाले जाने के बाद डोडा को जलाया जाता है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गोदाम सील होने के बाद स्टाक रखा रहा। एक सील गोदाम से तस्करी की जाने लगी।