औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
बिजनौर जिले से नगर के एक मैरिज होम में आई बारात में उस समय हंगामा हो गया जब पता चला कि दूल्हा बने सिपाही ने अपनी जाति को छिपा लिया था। दुल्हन के रिश्तेदाराें के हंगामा करने के बाद फेरे पड़ने से पहले ही सिपाही की बारात वापस लौट गई। दुल्हन के पिता की ओर से सिपाही, उसके दो भाइयाें और पिता के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना हजरतनगर गढ़ी के सीमांत मंढवा गांव निवासी राजपाल सिंह की ओर से स्थानीय कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट में कहा गया है कि उसकी बेटी चंचल का रिश्ता सतेंद्र पुत्र अमर सिंह निवासी ग्राम हरदासपुर गढ़ी थाना हल्दौर तहसील चांदपुर जिला बिजनौर के साथ हुआ था।
रिश्ते की बात चलने के दौरान सतेंद्र ने उनके रिश्तेदाराें और बिचौलिया को बताया था कि वह जाट जाति का है और उसके घर वाले यहां शादी करने को सहमत हैं। राजपाल सिंह के मुताबिक उनके दरवाजे पर बारात आने पर जब यह पता चला कि सिपाही ने जाति छिपाकर धोखा किया है तभी दुल्हन और सब घर वालाें ने शादी करने से मना कर दिया।
राजपाल सिंह के मुताबिक सत्येंद्र ने उसके और उसकी बेटी के साथ धोखा किया तथा शादी में दस लाख रुपये का खर्च भी करा दिया। सिपाही पर यह भी आरोप लगाया है कि उसने पुलिस भर्ती में भी जाति प्रमाण पत्र और अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी लगवाए।
सिपाही पर राजपाल सिंह का यह भी आरोप है कि सिपाही धोखाधड़ी करके उसकी यामाहा मोटर साइकिल भी ले गया। पुलिस ने राजपाल सिंह की तहरीर पर दूल्हा बने सिपाही सतेंद्र सिंह, उसके दो भाई सतीश सिंह और रवि सिंह तथा पिता अमर सिंह निवासी हरदासपुर गढ़ी थाना हल्दौर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराआें में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।