बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि कामर्शियल एक्टिविटी बंद नहीं हुई तो स्कूल की संबद्घता रद्द कर दी जाएगी।
निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के खिलाफ आंदोलन कर रहे व्यापारियों, विभिन्न संगठनों के लोगों की मुहिम आखिर रंग लाई। शुक्रवार को प्रशासनिक व शिक्षा विभाग के अफसरों की मौजूदगी मेंनिजी स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाध्यापकों के बीच तहसील सभागार में करीब तीन घंटे वार्ता चली। इसके बाद उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने फरमान सुनाया, तो निजी स्कूल संचालकों में मायूसी छा गई।
आंदोलनकारी, अभिभावक खुशी से झूम उठे। आंदोलनकारियों और अभिभावकों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। तहसील सभागार में शुक्रवार को इस समस्या के समाधान के लिए कई दौर में वार्ता हुई। उप जिलाधिकारी अमित कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार, तहसीलदार संजय कुशवाहा, पुलिस उपाधीक्षक सुरेश बाबू यादव की मौजूदगी में सभी पक्षों को सुना गया।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह यादव, आरआरके सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य डा. एसके पांडेय, सिल्वर स्टोन स्कूल के प्रधानाचार्य एमएल यादव, सीपीएस के सचिव विक्रम सिंह, चंदौसी बाल विद्या मंदिर स्कूल के प्रबंधक सुधांशु रुस्तगी, एबीसी मांटेसरी स्कूल की प्रबंधक संगीता भार्गव, एएम वर्ल्ड के प्रबंधक अनूप मंगलम पहुंचे, तो आंदोलनकारियों में मंतेश वार्ष्णेय, गिरीश रतन, अनुज वार्ष्णेय, ने अपने विचार व्यक्त किए।
उप जिलाधिकारी के फैसले के बाद व्यापारियों ने मिठाई वितरित कर अपनी खुशी का इजहार किया।